नवभारत विशेष: मुनीर की आड़ में ट्रंप का भारत पर निशाना, एक बार फिर से उगल रहा है जहर

पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसीम मुनीर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई घंटों तक बंकर में छिपा था, वही जनरल अमेरिका जाकर एक बार फिर से हिंदुस्तान के खिलाफ जहर उगल रहा है।
मुनीर की आड़ में ट्रंप का भारत पर निशाना
मुनीर की आड़ में ट्रंप का भारत पर निशाना (सौ. डिजाइन फोटो)
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नवभारत डिजिटल डेस्क: अमेरिका का हैरान करने वाला व्यवहार यह नहीं है कि वह पाकिस्तान जैसे आतंकवाद को निर्यात करने वाले देश के एक मामूली जनरल को अपने राष्ट्रपति के साथ लंच पर बिठाता है। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि जो पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसीम मुनीर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई घंटों तक बंकर में छिपा था, वही जनरल अमेरिका जाकर एक बार फिर से हिंदुस्तान के खिलाफ जहर उगल रहा है। कहीं यह आसीम मुनीर के कंधे पर बंदूक रखकर अमेरिका की भारत पर की जाने वाली निशानेबाजी तो नहीं है?

पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसीम मुनीर ने न केवल प्रेसीडेंट ट्रंप के साथ लंच टेबल शेयर की, बल्कि उसके बाद अपने कई दूसरे कार्यक्रमों में भारत के विरूद्ध जहर उगला। जिस पाकिस्तान ने दुनिया में सबसे ज्यादा सैनिकों के साथ भारत के सामने सरेंडर किया था, उसी पाकिस्तान का जनरल न सिर्फ बदला लेने की बात कर रहा है, बल्कि बिना किसी डर के भारत को तोड़ने की भी बात कर रहा है। भारत को तोड़ने की धमकी देने वाले मुनीर को शायद पता नहीं है कि पाकिस्तान के खजाने में सिर्फ एक महीने के आयात बिल को अदा करने भर के डॉलर हैं। अगर पाकिस्तानी जनरल अमेरिका की सरजमीं में भारत को तोड़ने की बात करने की हिमाकत कर पा रहा है, तो कहीं न कहीं अमेरिका द्वारा उसे दी जा रही शह ही लगती है। आसीम मुनीर ने कहा कि पिछले दिनों चार दिनों के संघर्ष में पाकिस्तान ने भारत को धूल चटा दी।

जबकि पूरी दुनिया जानती है कि केवल 12 घंटे के भारतीय वायु सेना के दबदबे से बिलबिलाकर पाकिस्तान ने युद्धविराम करने की गुहार लगाई थी। सवाल है क्या बिना किसी उकसावे के अमेरिका की जमीं में कोई पाकिस्तानी सैन्य अफसर इतनी बड़ी डींग हांक सकता है? आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। अमेरिका कारोबार के लिहाज से भारत के मध्यवर्गीय उपभोक्ता बाजार पर लगातार अपनी नजर गड़ाए रहता है और आज भारत की अर्थव्यवस्था सही मायनों में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को विकास दर के मामले में पीछे छोड़ चुकी है। लगता है आसीम मुनीर के कंधे पर बंदूक रखकर यह जहर अमेरिका उगल रहा है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से ट्रंप कई बार भारत के बेखौफ रवैये से चिढ़ गए हैं।

युद्ध रुकवाने का दावा

ट्रंप पिछले एक महीने के भीतर कम से कम 13 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रूकवाया। जबकि भारत ने एक बार भी अमेरिका के राष्ट्रपति के इस बयान की तस्दीक नहीं की और लगातार भारत के प्रधानमंत्री और विभिन्न मंत्री तथा सैन्य अफसर बार-बार दोहराते रहे हैं कि भारत ने पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने पर युद्ध रोका है। जब 13 बार गलतबयानी के बाद भी ट्रंप नहीं रूक रहे थे, तो अंततः प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके साथ हुई फोन वार्ता में स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी की मध्यस्थता नहीं चाहता और भारत ने जो ऑपरेशन स्थगित किया है, वह सिर्फ पाकिस्तान के अनुरोध पर स्थगित है, खत्म नहीं हुआ। ट्रंप और उनके कई मंत्री व अधिकारी नए सिरे से पाकिस्तान को भाव देने की कोशिश कर रहे हैं। बार-बार यह दोहरा रहे हैं कि आतंकवाद की लड़ाई में पाकिस्तान उनका बहुत बड़ा सहयोगी है।

अमेरिका की कुटिल नीति

भारत को काबू में करने की जब ट्रंप अपनी कोशिशों में सफल नहीं हो रहे, तो वह खिसियाकर पाकिस्तान को उकसाकर उसको अपनी गोद में बिठाकर भारत को यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर वह उनके इशारे पर नहीं चलेगा, तो अमेरिका पाकिस्तान से गलबहियां डालेगा और दूसरा मकसद इस मामूली से सैन्य अधिकारी को सिर पर चढ़ाने का यह है कि जल्द ही अमेरिका, ईरान के खिलाफ किसी जमीनी कार्रवाई के लिए पाकिस्तान के सैन्य बेस इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। वैसे देखा जाए तो हाल के दिनों में ट्रंप ने कई ऐसी हरकतें की हैं, जो भारत को नीचा दिखाने की हैं। ट्रंप ने कहा कि वक्त आ गया है कि जी-7 को जी-9 में बदला जाए।

लेख- लोकमित्र गौतम के द्वारा

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