नवभारत निशानेबाज: इसे कोई माने या न माने, खुश होने के लाख बहाने

What Brings Happiness: खुशी हर किसी की चाहत है, लेकिन वह अलग-अलग परिस्थितियों में मिलती है। संतान का जन्म, सफलता, नौकरी या मुनाफा-जीवन के छोटे-छोटे क्षण ही असली खुशी का एहसास कराते हैं।
Navbharat Marksman: Believe it or not—there are a hundred thousand reasons to be happy.
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Ways People Find Happiness: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, खुशहाल बनने के लिए खुशी बहुत जरूरी है। बताइए वह किस तरह मिलती है। हम उसे खोजना चाहते हैं।'

हमने कहा, 'जब किसी के यहां संतान पैदा होती है तो वह इस खुशी में मिठाई बांटता है। बेटी की शादी अच्छे घर में योग्य वर से तय हो जाए तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे ग्रेड से पास होकर खुश हो जाता है। बेरोजगार नौकरी पाने से खुशी महसूस करता है। किसी को अपनी खोई हुई वस्तु मिल जाने से खुशी होती है। किसी को लॉटरी या सट्टे में पैसा मिलने से वह खुशी से फूला नहीं समाता। व्यापारी मुनाफे का सौदा होने पर और कर्मचारी इन्क्रीमेंट या बोनस मिलने पर खुश हो जाता है।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, खुशी व्यक्ति के आसपास ही रहती है। उसे खोज निकालना चाहिए। खुशी को लेकर कितने ही फिल्मी गीत हैं जैसे कि-कोई मेरे दिल में खुशी बनके आया, अंधेरा था घर रोशनी बनके आया। एक अन्य गीत है-झूम-झूम कर नाचो आज, गाओ खुशी के गीत। खुश है जमाना आज पहली तारीख है। इसी सी हंसी, इत्ती सी खुशी, इत्ता सा टुकड़ा चांद का।'

हमने कहा, 'खुशी की बाहत किसे नहीं होती। देवता भी अपनी खुशी के लिए अप्सराओं का नृत्य देखते हैं। मनोरंजन के साधनों में खुशी खोजने के लिए लोग सिनेमा जाते हैं, कंसर्ट और ओपेरा जाते हैं तथा हास्य-व्यंग्य के कविसम्मेलन में खुशी अनुभव करते हैं। कवि तब खुश होता है जब श्रोता उसकी कविता या शायरी पर दाद देते हैं। ट्रंप को टैरिफ लागू करने और ईरान पर हमला करने में खुशी महसूस हो रही है। भूमाफिया किसी की जमीन हड़प कर खुश होता है। यजमान से दक्षिणा में मोटी रकम लेकर पंडा खुश हो जाता है। कर्जमाफी किसान को खुश कर देती है। बादशाह अकबर को बीरबल के जोक या तानसेन का संगीत सुनकर खुशी मिलती थी। चुनावी खैरात मिलने से मतदाता प्रसन्न हो जाता है। नेता को जब सत्ता मिलती है तो उसे ऐसा लगता है कि उसके हाथ में 3 इक्के आ गए, भूखे को खाना खाकर और प्यासे को पानी पीकर खुशी होती है। आध्यात्मिक रुचि के व्यक्ति को भजन, सत्संग और कथा में आनंद आता है। जब प्रेमिका की शादी किसी और से हो जाती है तो प्रेमी गाता है- मुबारक हो तुमको समां ये सुहाना, मैं खुश हूं मेरे आंसुओं पे ना जाना, मैं तो दीवाना-दीवाना-दोवाना।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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