निशानेबाज: खबरों में छा गई यह बात दानवे ने मारी कार्यकर्ता को लात

पड़ोसी ने हमसे कहा, निशानेबाज, बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे ने अपने साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए फ्रेम में आने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को लात मारकर दूर कर दिया,उसने इस बात का बुरा नहीं माना बल्कि यह कहा कि मैं दानवे का करीबी दोस्त हूं और हमारी दोस्ती 30 साल पुरानी है।
निशानेबाज, रामायण
खबरों में छा गई ये बात (सौ.डिजाइन फोटो)
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नवभारत डेस्क:   पड़ोसी ने हमसे कहा, निशानेबाज, बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे ने अपने साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए फ्रेम में आने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को लात मारकर दूर कर दिया,उसने इस बात का बुरा नहीं माना बल्कि यह कहा कि मैं दानवे का करीबी दोस्त हूं और हमारी दोस्ती 30 साल पुरानी है। आपकी इस प्रकरण को लेकर क्या राय है? हमने कहा जहां पर पैर है वहां लात भी है. बच्चा तो माता के गर्भ में रहते समय भी लात चलाने लगता है. इससे उसकी हलचल मालूम पड़ती है।

फुटबाल या सॉकर वहीं खेल सकते हैं जो गेंद को लात या किक मारते हैं. बगैर किक मारे गोल नहीं होता. मेस्सी, रोनाल्डो, एमबाप्पे यही तो करते हैं." पड़ोसी ने कहा, "निशानेबाज, फुटबाल को किक मारना अलग बात है, अपने कार्यकर्ता को लात से हटा देना क्या उचित है. दानवे चाहते तो उसे हाथ से ढकेल सकते थे." हमने कहा, "किसी का हाथ चलता है तो किसी लात । अपने भाई-विभीषण को रावण ने लात मारी तो उसने जाकर राम से शिकायत की तात लात रावण मोही मारा।

रावण लात मारने में एक्सपर्ट था उसने राम की प्रशंसा करनेवाले अपने दूत शुक को भी लात मारकर भगा दिया था. आपने फिल्म 'तिरंगा' देखी होगी जिसमें राजकुमार से नाना पाटेकर अपराधियों से निपटने के तरीके को लेकर कहते हैं- पहले लात फिर बात और इसके बाद मुलाकात।" पड़ोसी ने कहा, "निशानेबाज, लात मारने को सभ्यभाषा में चरण प्रहार कहते है। रावण ने चरण प्रहार किया तो विभीषण की किस्मत खुल गई वह भगवान राम की मदद से लंका का राजा बन गया।

राम ने तत्काल उसका तिलक कर दिया। रामायण के सुंदरकांड की पंक्ति है- जो संपत्ति शिव रावणहि दीन दिए दस माथ सोई संपदा विभीषण ही सकुचि रघुनाथ. इसका अर्थ है कि अपने 10 सिर काटकर अर्पित करने पर रावण को जो संपत्ति ने दी थी, वह राम ने बड़ी आसानी से विभीषण को दे दी. रावण की लात की वजह विभीषण की लॉटरी लग गई." हमने कहा, हिम्मती और पुरुषार्थी आदमी के लिए कहा है कि जहां लात मारेगा, वहां पानी निकाल इसलिए बोरवेल खोदने की बजाय ऐसे आदमी की मदद लेनी चाहिए।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी

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