

BJP Kerala Election Preparation: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि बीजेपी ने केरलम के अगले चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। लोगों को हैरत है कि बीजेपी बेवक्त की शहनाई क्यों बजा रही है? हाल ही में केरलम विधानसभा के चुनाव हुए जिसमें जीत हासिल करने के बाद यूडीएफ ने मुख्यमंत्री सतीशन के नेतृत्व में नई सरकार बना ली है। अगला चुनाव 5 वर्ष बाद 2031 में होगा, इसे लेकर अभी से तैयारी क्यों?'
हमने कहा, 'क्या आपको नहीं मालूम कि बीजेपी की चुनावी मशीनरी निरंतर चालू रहती है। उसे चुनाव में विजय का टारगेट देकर इलेक्शन मोड में रखा जाता है। बीजेपी कभी भी, किसी भी चुनाव के लिए एक टांग पर तैयार रहती है। लालू का चारा घोटाला लोग जानते हैं, जबकि बीजेपी 'चरैवेति-चरैवेति' का मंत्र जपती है। इसका मतलब है निरंतर चलते रहो। एक चुनाव खत्म तो दूसरे की तैयारी शुरू!'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, बीजेपी ने जितने राज्य जीत लिए, उसी में संतोष-समाधान करते हुए सुशासन दे। आगे और जीतने की इतनी छटपटाहट क्यों? क्या बीजेपी के दिमाग में विश्व विजय का सपना देखने वाले सिकंदर ने प्रवेश कर लिया है?'
हमने कहा, 'पहले बीजेपी ने कांग्रेस मुक्त भारत की बात कही थी, अब वह विपक्ष मुक्त भारत देखना चाहती है। मोदी और शाह के चतुर नेतृत्व में बीजेपी की चतुरंगिणी सेना हर राज्य में दिग्विजय करने पहुंच जाती है। जहां चुनाव में देर है वहां ऑपरेशन लोटस के जरिए क्षेत्रीय पार्टियों में फूट डालती है। पद और धन के लालच में नेता अपनी मूल पार्टी के प्रति गद्दार बन जाते हैं। उन पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का दबाव खत्म हो जाता है। सभी नमो नमो करने लग जाते हैं। जो नेता कुछ वर्ष पूर्व विपक्षी पार्टियों में थे, वह अब बीजेपी की बैंड पार्टी में शामिल हो गए हैं। आपने कहावत सुनी होगी- घर का भेदी लंका ढाए।
'पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, प्रेम, युद्ध और राजनीति में सबकुछ जायज है। बीजेपी का चुनावी अश्वमेध यज्ञ हमेशा चलता रहता है। लोग कहते थे कि बीजेपी बंगाल में नहीं जीत सकती, लेकिन एसआईआर का असर ऐसा हुआ कि बंगाल भी फतह कर लिया।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा