नवभारत विशेष: धमाकेदार जीत से बीजेपी ने सभी को पस्त किया, एग्जिट पोल करीब-करीब सही निकले

India Exit Polls: 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों में कई एग्जिट पोल गलत साबित हुए। बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सत्ता बदली, जबकि असम और पुडुचेरी में मौजूदा सरकारें लौटीं।
Navbharat Special: With a Resounding Victory, the BJP Overwhelms Everyone; Exit Polls Prove Almost Entirely Accurate.c
विधानसभा चुनाव परिणाम, (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Five States Election Outcome: 5 राज्यों के संपन्न विधानसभा चुनाव में नतीजे करीब-करीब यही आए हैं, जिन नतीजों की भविष्यवाणी 29 अप्रैल की शाम विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल्स कर रहे थे। अगर बहुमत में देखें तो अकेला तमिलनाडु ऐसा राज्य है, जहां 7 में से 6 एग्जिट पोल करने वाली कंपनियों के अनुमान पूरी तरीके से गलत निकले, सिर्फ एक एजेंसी के अनुमान करीब-करीब खरा उतरा है। अगर इन 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखें तो इसमें 3 राज्यों में बंगाल, तमिलनाडु और केरल की मौजूद सरकारें हार गई हैं और विपक्ष की दावेदार पार्टियां अब नई सरकार बनाएंगी।

सिर्फ 2 ऐसे राज्य हैं, जहां पहले से मौजूद सरकारें फिर लौटकर आ रही हैं, इनमें से एक है असम और दूसरा है केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी। इन दोनों ही राज्यों में एक तरह से भाजपा की सरकार है। असम में जहां उसकी अकेले की सरकार है, वहीं पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन की और इन 5 राज्यों के चुनावों की अगर पार्टियों की सफलता के लिहाज से देखें तो भाजपा न केवल अपने 2 राज्यों को पूरी तरीके से बचा पाने में कामयाब रही है।

चल्कि बंगाल में उम्मीदों से कहीं आगे का उलटफेर करके सरकार बना रही है। इस तरह देखें तो इन 5 राज्यों के चुनाव में सौ फीसदी कोई पार्टी फायदे में है, तो वह भाजपा है। उसने जहां अपनी सरकारें बचाई हैं, वहीं एक नई सरकार छीन ली है। इस तरह इन चुनाव में उसे सौ फीसदी से कहीं ज्यादा सफलता मिली है।

जबकि विपक्ष स्थितियों को भुना पाने में असफल रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार भले केरल में बन जाएगी, लेकिन जिस तरीके से कांग्रेस का वंगाल में सूपड़ा साफ हुआ है और असम में भी दूर-दूर तक कहीं सत्ता के करीब नहीं पहुंची। उससे साफ लगता है कि भाजपा के सामने सारी राजनीतिक पार्टियां पस्त हो गई हैं।

एग्जिट पोल्स से उलट आए कई राज्यों के नतीजे

सिर्फ तमिलनाडु ही एक ऐसा राज्य है, जहां बहुसंख्यक एग्जिट पोल जो कह रहे थे, वो नहीं हुआ। 'एक्सेस माई इंडिया पोल' जो कह रही थी, वह सही होता नजर आ रहा है, बाकी सभी यानी 6 एग्जिट पोल में तमिलनाडु में डीएमके जीत रही थी। सिर्फ एक्सेस माई इंडिया अकेली ऐसी एजेंसी थी, जिसके मुताबिक अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके को 98 से 120 के बीच में सीटें मिल रही थीं।

जब अंतिम रूप से नतीजे सामने आए तो तमिलनाडु में टीवीके ने मजबूत जीत की तरफ बढ़त बना ली थी और जिस डीएमके को सभी एग्जिट पोल औसत 138 सीट दिलवा रहे थे, उसे अपने पूरे गठबंधन के साथ 65 सीटें मिल रही थीं, जो कि पिछले बार से 94 सीटें कम थी।

तमिलनाडु में न सिर्फ एनटी इंकम्बेंसी की आंधी आई, बल्कि अन्नाद्रमुक भी इस आंधी में उड़ गई। भाजपा को बंगाल में 7 एजेंसियों में से 6 ने जीतने वाला बहुमत दिया था। मसलन चाणक्य के मुताबिक भाजपा 150 से 160, मेट्राइज के मुताबिक 146 से 161, पी मार्क के मुताबिक 150 से 175, प्रज्ञा पोल के मुताबिक 178 से 208 और पोल डायरी के मुताबिक 142 से 171 सीटें पा रही थीं।

सिर्फ पीपुल्स पल्स एकमात्र ऐसी एजेंसी थी, जो भाजपा को महज 95 से 110 सीटें दे रही थी और दूसरी तरफ प्रज्ञा पोल अकेली ऐसी एजेंसी थी, जो बंगाल में टीएमसी को 85 से 110 सीटें दे रही थीं। केरल में भी ऐसा हुआ जैसा पहले नहीं होता रहा। यूडीएफ के जीतने की तो लगभग सभी एजेंसियां भविष्यवाणी कर रही थीं। लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 90 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, यह किसी एग्जिट पोल ने नहीं अनुमान लगाया था। असम में भी ज्यादातर एग्जिट पोल भाजपा को ही जिता रहे थे और ऐसा ही हुआ।

एग्जिट पोल करीब-करीब सही निकले

5 राज्यों के चुनाव में सौ फीसदी कोई पार्टी फायदे में है, तो वह भाजपा है उसने जहां अपनी सरकारें बचाई है, वहीं एक नई सरकार छीन ली है। इस तरह इन चुनाव में उसे सौ फीसदी से कहीं ज्यादा सफलता मिली है।

जबकि विपक्ष स्थितियों को भुना पाने में असफल रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार भले केरल में बन जाएगी, लेकिन जिस तरीके से कांग्रेस का बंगाल में सूपड़ा साफ हुआ है। उससे साफ लगता है कि भाजपा के सामने सारी राजनीतिक पार्टियां पस्त हो गई हैं।

लेख- लोकमित्र गौतम के द्वारा

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