अरविंद केजरीवाल का फैसला, आम आदमी पार्टी अकेले लड़ेगी दिल्ली विधानसभा चुनाव

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि आम आदमी पार्टी अकेले अपने दम पर यह चुनाव लड़ेगी। दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
अरविंद केजरीवाल का फैसला, दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी आम आदमी पार्टी
अरविंद केजरीवाल (डिजाइन फोटो)
Updated on

नवभारत डेस्क: दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल शुरू हो गई है। विपक्षी गठबंधन इंडिया को झटका देते हुए आप प्रमुख व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अकेले अपने दम पर यह चुनाव लड़ेगी। 26 विपक्षी पार्टियों का इंडिया गठबंधन दिल्ली में बीजेपी विरोधी वोटों को साधने की उम्मीद करता था लेकिन केजरीवाल की घोषणा ने विपक्षी एकता में पलीता लगा दिया।

एक ओर बीजेपी दिल्ली में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहती है वहीं केजरीवाल अपनी पार्टी के सुशासन का परीक्षण करना चाहते हैं। इस वर्ष लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दिल्ली की सभी सातों सीट जीती थीं और कांग्रेस व आप की झोली पूरी तरह खाली रह गई थी। दिल्ली विधानसभा के पिछले 2 चुनावों में आप ने बाजी मारी थी और बीजेपी की दाल नहीं गलने दी थी।

बीजेपी भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर आप को हराना चाहती है। आम आदमी पार्टी पहले भी इंडिया से दूरी बना चुकी है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में आप और कांग्रेस के बीच सीटों के बटवारे पर समझौता नहीं हो पाया था। जबसे शीला दीक्षित की सरकार को आप ने दिल्ली में उखाड़ फेंका तबसे कांग्रेस 2 विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई।

एक्साइज घोटाले में जमानत पर रिहा होने के बाद केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव के पहले सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव को ऐसा जनमत संग्रह बनाया है जो उनके और वरिष्ठ पार्टी सहयोगियों पर लगाए गए आरोपों का फैसला करेगा।

दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए जिसकी केजरीवाल ने आलोचना की थी किंतु उनकी पार्टी ने कितने ही ऐसे नेताओं को अपना उम्मीदवार बनाया जो बीजेपी या कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए थे। अगले वर्ष की शुरूआत में दिल्ली विधानसभा का चुनाव कश्मकश भरा होगा जिसमें कांग्रेस और बीजेपी सत्ता में आने के लिए अपनी किस्मत आजमाएंगी।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

Navbharat Live
navbharatlive.com