

विस्मय होता है कि कोई जज रह चुका व्यक्ति इतनी घटिया और गिरी हुई बयानबाजी कर सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और बीजेपी के लोकसभा उम्मीदवार अभिजीत गंगोपाध्याय ने बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर अत्यंत निम्नस्तरीय व सड़कछाप टिप्पणी की जिस पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है। पता नहीं ऐसे व्यक्ति को जज किसने बनाया जो महिलाओं का सम्मान करना तक नहीं जानता और कुछ भी बकवास करता है! जज रहे व्यक्ति से उम्मीद की जा सकती है कि वह कानून की समझ रखते हुए आचार संहिता का पालन करेगा और मर्यादा में रहेगा लेकिन गंगोपाध्याय ने बंगाल के हल्दिया में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी की ‘कीमत’ पूछकर अशोभनीय टिप्पणी की।
संदेशखाली मामले का जिक्र करते हुए गंगोपाध्याय ने कहा कि आज तृणमूल कह रही है कि हर बात झूठ है। एक आंदोलनकारी व बीजेपी की बशीरहाट की उम्मीदवार रेखा पात्रा को 2000 रुपए में खरीदा गया। ममता बनर्जी तुम्हारी क्या कीमत है? कोई तुम्हे 8,000 रुपए देकर नौकरी पा लेता है। तुम्हारा रेट 10 लाख क्यों है? क्या इसलिए कि तुम्हारा मेकअप कोलकाता की ब्यूटीशियन केया सेठ करती है? मुझे आश्चर्य होता है कि ममता बनर्जी महिला हैं भी या नहीं! चुनाव आयोग ने पूर्व हाईकोर्ट जज बंदोपाध्याय की टिप्पणियों को अनुचित, गैरकानूनी तथा शालीनता के खिलाफ बताया।
बंगाल के महिला और बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने कहा कि बीजेपी के किसी नेता ने ऐसी ओछी टिप्पणी का विरोध नहीं किया। बीजेपी की चुप्पी का हमें अनुमान था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर पर एक शब्द भी नहीं कहा था और ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भी कदम नहीं उठाए थे। जज रह चुके व्यक्ति की यह टिप्पणी दुर्भावनापूर्ण व नैतिकता के खिलाफ है। चुनाव आयोग को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।