साल की आखिरी पूर्णिमा के दिन न पहनें इस रंग के कपड़े, और न ही करें ये 5 काम, अन्यथा परिणाम जान लें

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी होता है। अन्यथा पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है।
साल की आखिरी पूर्णिमा के दिन न पहनें इस रंग के कपड़े, और न ही करें ये 5 काम, अन्यथा परिणाम जान लें
भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी, (सौ.सोशल मीडिया)
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Margashirsha Purnima 2024: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत शुभ माना जाता है। यह महीने के सबसे उत्तम एवं शुभ दिन माना जाता है। पूर्णिमा में कोई भी नए कार्य का शुभारंभ कर सकते है। वहीं मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि इस साल का अंतिम पूर्णिमा भी है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के दिन व्रत रखने के साथ-साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी होता है। अन्यथा पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। आइए जानते हैं पांच ऐसे कार्यों के बारे में, जिन्हें मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए।

पूर्णिमा के दिन कौन-से काम नहीं करने चाहिए?

ज्योतिष- शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं काटने चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन नाखून, बाल और दाढ़ी काटने से धन की देवी माता लक्ष्मी, विष्णु जी और चंद्र देव नाराज होते हैं, जिसके कारण जीवन में परेशानियों का आगमन होता है और घर में क्लेश की स्थिति बनी रहती है।

यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है, जिन्हें तुलसी अति प्रिय है। इसलिए इस शुभ दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। अन्यथा आपको विष्णु जी के साथ-साथ देवी तुलसी के क्रोध का सामना भी करना पड़ सकता है।

ज्योतिषयों के मुताबिक, पूर्णिमा के शुभ दिन काले रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को दर्शाता है। यदि आप इस दिन काले रंग के कपड़े पहनकर देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, तो इससे उस रंग की नकारात्मक ऊर्जा आपके मन और दिमाग को प्रभावित कर सकती है।

इस दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन काले रंग के कपड़े भी नहीं पहनने चाहिए और इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।

इस दिन दरवाजे से किसी भी जरूरतमंद या गरीब को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए। इस दिन गरीब, जरूरतमंद, असहाय और बुजुर्गों से बुरा व्यवहार भी नहीं करना चाहिए।

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