भाद्रपद में खाने की थाली भी बदलें! इन चीजों से क्यों किया गया है परहेज, जानें शास्त्रों के खास नियम

Bhadrapad Month Niyam:भादो महीने की शुरुआत हो गयी है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से यह महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। क्या आप जानते है कि इस महीने खान-पान को लेकर कुछ विशेष परंपराएं हैं।

Bhadrapada Maas 2026 Food Rules
भाद्रपद मास नियम(सौ.जैमिनी)
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Bhadrapada Maas 2026 Food Rules: हिंदू कैलेंडर का छठा महीना भाद्रपद यानी भादो महीने की शुरुआत हो गयी है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से यह महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने जन्माष्टमी, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी जैसे प्रमुख पर्व आते हैं।

क्या आप जानते है कि इस महीने में जितना महत्व पूजा पाठ का होता है? उतना इस महीने खान-पान को लेकर भी कुछ विशेष परंपराएं बताई गई हैं। ऐसे में आइए जानते हैं भाद्र पद मास में खान-पान को लेकर क्या नियम बताए गए हैं ?

भाद्रपद मास में खान-पान को लेकर क्या नियम है?

ताजा और हल्का भोजन करें

भादो महीने मौसम में बदलाव होने लगता हैं। बदलते और उमस के कारण पाचन तंत्र पर भी असर पड़ने लगता है। इसलिए इस दौरान हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन करना बेहतर माना जाता है।

इन चीजों से करे परहेज

शास्त्रों के अनुसार इस महीने में मांस, शहद, गुड़, मूली, बैंगन, चकुंदर, खीरा, ककड़ी और तरबूज से बचने के लिए कहा जाता है। हरी पत्तेदार सब्जियों, मसूर और चना की दाल को लेकर भी परहेज बताया गया है।

व्रत रखते समय कैसी हो आहार?

व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन ले सकते है। इन चीजों के साथ सेब, केला, अनार, नासपाती आदि मौसमी फल खाना बेहतर रहेगा। भोजन को बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार बनाने से बचना बेहतर है। इस मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है।


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