कार पार्किंग की वास्तु और दुर्घटनाओं का क्या है संबंध, जानिए कैसी होनी चाहिए पार्किंग की दिशा

वास्तु-शास्त्र में कार पार्किंग के नियमों का भी उल्लेख किया गया है। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों को पालन करने से इंसान को जीवन में दुर्घटनाओं से बचाव होता है। साथ ही समृद्धि और सफलता में बढ़ोतरी होती है।
कार पार्किंग के वास्तु नियम की वास्तु और दुर्घटनाओं का क्या है संबंध
कार पार्किंग के वास्तु नियम
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Vastu Tips for Car Parking: सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। वास्तु शास्त्र में घर में सभी चीजों को रखने के लिए उचित दिशा बताई गई है। ऐसे में वास्तु-शास्त्र में कार पार्किंग के नियमों का भी उल्लेख किया गया है। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों को पालन करने से इंसान को जीवन में दुर्घटनाओं से बचाव होता है। साथ ही समृद्धि और सफलता में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के इन विशेष नियमों के बारे में।

पार्किंग के समय दिशा का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप पार्किंग या गैराज में कार खड़ी कर रहे हैं तो ढलान का विशेष ध्यान रखें। साथ ही कोशिश करें कि कार के चारों ओर जगह छूटनी चाहिए।

अगर आप कार को गैरेज में पार्क करते हैं, तो गैरेज के लिए पीला, सफेद और नीला रंग बेहद शुभ माना गया है। माना जाता है कि यह रंग सकारात्मक ऊर्जा को प्रदर्शित करते हैं।

अगर आप कार को उत्तर-पश्चिम दिशा में पार्क करते हैं, तो इससे समृद्धि और सफलता में बढ़ोतरी होती है और धन का लाभ मिलता है।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, गलती से वाहन को ईशान कोण में खड़ा नहीं करना चाहिए। ईशान कोण में खड़ी कार की वजह से आपको संतांन संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है। साथ ही घर के बच्चे भी मानसिक तनाव में रहते हैं।

वास्तु शास्त्र की मानें तो, अगर घर में कार पार्किंग बनवा रहे हैं तो दीवारों का रंग सफेद, नीला या पीला होना चाहिए। इससे पॉजिटिविटी आती है।

कई बार देखा गया है कि लोग शौक में वाहन तो खरीद लेते हैं लेकिन उस पर यात्रा बहुत कम कर पाते हैं, यह भी एक वास्तु दोष है। जो गाड़ियां काफी दिनों तक खड़ी ही रहती हैं उनके मालिकों को मानसिक तनाव और धन हानि का सामना करना पड़ता है।

वाहन वही शुभ रहता है जो कम से कम स्थिर यानी खड़े रहें। जब भी ग्रह स्वामी को वाहन की आवश्यकता पड़े, उस समय उसका वाहन यात्रा करने के लिए तैयार होना चाहिए।

कहा जाता है कि, कभी भी वाहन ईशान (उत्तर-पूर्व ) कोण में नहीं खड़ा करना चाहिए, इस दिशा में गाड़ी खड़ी होने पर परिवार के सदस्यों को बहुत अधिक मानसिक तनाव रहता है।

यहां पर बना गैराज घर के मुखिया को महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भ्रमित रखता है।

एक बात ध्यान रखने वाली है कि गैराज के सामने का रास्ता बिल्कुल साफ-सुथरा रखें, ताकि कार बिना किसी रुकावट के आ-जा सके।

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