Vaishakh Purnima: कब है वैशाख पूर्णिमा? जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

Vaishakh Purnima Puja Time And Tithi :वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और पूजा करने से पुण्य प्राप्त होता है। जानें इसकी सही तिथि, धार्मिक महत्व और पूजा विधि से जुड़ी पूरी जानकारी।
Vaishakh Purnima Date 2026
वैशाख पूर्णिमा (सौ.AI)
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Vaishakh Purnima Date 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पवित्र और शुभ बताया गया है। हर महीने आने वाली पूर्णिमा तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस बार वैशाख महीने की पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जा रही है। यह शुभ तिथि दान-पुण्य, स्नान और भगवान की उपासना के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

Vaishakh Purnima वैशाख पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

हिंदू धर्म में भी वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। गंगा स्नान, दान-पुण्य और व्रत करने से विशेष फल मिलता है। आध्यात्मिक रूप से यह दिन हमें शांति, करुणा और आत्मचिंतन का संदेश देता है। इस दिन ध्यान और साधना करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

कब है वैशाख पूर्णिमा ?

  • पंचांग के अनुसार, इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 को रात 9:12 बजे से प्रारंभ होगी।
  • इस तिथि का समापन 1 मई 2026 को रात 10:52 पर होगा।
  • उदया तिथि के अनुसार, इस बार वैशाख पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जाएगी।

वैशाख पूर्णिमा स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:15 से 05:00 तक
  • सूर्योदय स्नान का श्रेष्ठ समय: 05:35 से 07:30 तक

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ऐसे करें वैशाख पूर्णिमा पर पूजा

  • वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही स्नान करें।
  • अब भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें और दोनों को फूलों की माला अर्पित करें।
  • इसके बाद सफेद और पीले रंग की मिठाई भोग के रूप में अर्पित करें।
  • इस दौरान दीप, धूप और तुलसी प्रभु और देवी को अर्पित करें।
  • फिर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें।
  • शाम को चंद्रमा के दर्शन कर पूजा करें।
  • चंद्रमा को अर्घ्य दें और सफेद चीजों का दान करें। इससे मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • अंत में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगकर पूजा समाप्त करें।
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