

Vaibhav Lakshmi Puja Tips: हिन्दू धर्म में शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी की पूजा- अर्चना के लिए समर्पित है। इस दिन मां लक्ष्मी के वैभव लक्ष्मी स्वरूप की पूजा का विधान है। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, जो भक्त पूरी श्रद्धा और सही नियमों के साथ वैभव लक्ष्मी व्रत रखता है, उसके घर में कभी भी अन्य- धन की कमी नही होती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
हालांकि, वैभव लक्ष्मी का व्रत जितना फलदायी है, इसके नियम उतने ही कठिन हैं। पूजा के दौरान की गई एक छोटी सी गलती व्रत के पुण्य फल को खत्म कर सकती है।
पुराणों में बताया गया है कि, मां लक्ष्मी को लाल फूल अतिप्रिय होता है। इसलिए शुक्रवार को जब आप वैभव लक्ष्मी की पूजा करें तो लाल फूल जरूर अर्पित करें। यह लाल गुलाब या फिर लाल गुड़हल भी हो सकता है। वैसे मां लक्ष्मी की पूजा में सबसे अनिवार्य तो कमल का फूल माना जाता है। अगर यह न मिल सके तो आप गुलाब भी चढ़ा सकते हैं। पूजा के उपरान्त उसी गुलाब को अपने धन वाली जगह पर रख दें और रोजाना बदलते रहें।
शास्त्रों में मां वैभव लक्ष्मी की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक श्री यंत्र की पूजा न की जाए। कई लोग केवल तस्वीर के सामने दीपक जला देते हैं, जबकि शास्त्र कहते हैं कि वैभव लक्ष्मी के साथ श्री यंत्र और मां लक्ष्मी के आठ स्वरूपों का ध्यान करना जरूरी है।
शुक्रवार के दिन घर में लहसुन, प्याज या मांसाहार का प्रयोग बिल्कुल न करें। इसके अलावा, इस दिन किसी की बुराई करना, घर में कलह करना भी अशुभ माना जाता है।
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी। या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥ या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी। सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥