मांगलिक दोष से परेशान? हनुमान जयंती पर गुड़-चना दान करें, किस्मत पलट सकती है!

Hanuman Puja For Manglik Dosh:हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर गुड़-चना का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस सरल उपाय से मंगल दोष दूर होता है और जीवन में खुशहाली आती है।
Mangal Dosh Remedies
हनुमान जी (सौ. Gemini)
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Mangal Dosh Remedies:इस साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 2 अप्रैल गुरुवार को है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के परम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव भी मनाया जा रहा है। हनुमान जी के जन्मोत्सव के मौके पर मंदिरों और घरों में आराधना की जाती है।

हनुमान जी की पूजा के दौरान कई नियमों का पालन किया जाता है तो वहीं पर कुछ विशेष प्रकार की चीजों का भोग लगाना भी जरूरी होता है। वैसे तो बजरंबली, भक्तों द्वारा अर्पित किए गए किसी भी प्रकार के भोग से प्रसन्न हो जाते है लेकिन गुड़ और चने का भोग लगाना अलग ही महत्व देता है।

गुड़ और चने का भोग का महत्व

हिन्दू धर्म ग्रथों में हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को गुड़-चने का भोग और दान करना शुभ बताया गया हैं। वैसे तो, हनुमान जी की पूजा में कई तरह के भोग जैसे लड्डू, इमरती, पान का बीड़ा, केसर भात, पंचमेवा, नारियल आदि चढ़ाएं जाते हैं। इन सभी भोग में ही शामिल गुड़- चने का भोग लगाने से भगवान बजरंगबली प्रसन्न होते है। शास्त्रों के अनुसार, हनुमानजी को गुड़ और चना बेहद प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि, इस दिन गुड़-चने का भोग और दान करने से मांगलिक दोष दूर होता हैं। मांगलिक दोष दूर करने का एक अत्यंत प्रभावी उपाय है।

हनुमान जयंती पर मांगलिक दोष के लिए उपाय

  • गुड़-चने का भोग: हनुमान जयंती पर मांगलिक दोष दूर करने के लिए हनुमान जी को गुड़ और चने का प्रसाद अर्पित करें और इसे बंदरों या ज़रूरतमंदों को खिलाएं। ऐसी मान्यता है कि, इससे मंगल दोष दूर होता है और जीवन में खुशहाली आती है।
  • सिंदूरी चोला: बजरंगबली को चमेली के तेल में मिलाकर सिंदूरी चोला चढ़ाएं, यह मंगल दोष को दूर करने का सबसे प्रभावशाली उपाय है।
  • हनुमान चालीसा का पाठ: मंदिर में बैठकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या 'ॐ हनुमते नमः' का जाप करें।
  • दान और दीपदान: किसी ज़रूरतमंद को लाल वस्त्र या भोजन का दान करें और हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

इन सरल उपायों से न केवल मांगलिक दोष कम होता है, बल्कि आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन से डर व नकारात्मकता भी दूर होती है।

शास्त्रों के नियम

पौराणिक मान्यताओं और ज्योतिष ग्रंथों जैसे 'बृहद पाराशर होराशास्त्र' में ग्रहों की शांति के उपाय बताए गए हैं। साथ ही, 'रामचरितमानस' के सुंदरकांड और 'हनुमान बाहुक' में स्पष्ट है कि हनुमान जी की शरण में जाने से शनि और मंगल जैसे उग्र ग्रहों के दोष शांत हो जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हनुमान जी ने इन ग्रहों के गर्व को चूर किया था।

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