

Somvati Amavasya 2026 Mein Kya Na Khariden:आज सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। यह शुभ तिथि हिन्दू में खास महत्व रखता है। जब अमावस्या की तिथि सोमवार को पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। यह दिन भगवान शिव की पूजा, पितरों का तर्पण, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों को करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन कुछ खास वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि इस तरह की मान्यताएं शास्त्रों में तो वर्णित नहीं हैं, लेकिन लोकपरंपराएं और धार्मिक आस्था इन्हें बल देती हैं।
लोक एवं ज्योतिष मत के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन नए कपड़े और जूते-चप्पल खरीदने से बचने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि ये भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़ी वस्तुएं हैं। इस दिन भौतिक वस्तुओं की खरीदारी की बजाय पूजा, व्रत और दान से जुड़ी चीजें खरीदनी चाहिए।
हिंदू धर्म ग्रंथों में इसे लेकर कोई साफ निषेध नहीं बताया गया है, लेकिन ज्योतिषीय और पारंपरिक मान्यताओं के मुताबिक अमावस्या के दिन बड़े निवेश या विलासिता से जुड़ी खरीदारी से बचाना चाहिए। इसकी जगह दान और धार्मिक कार्य को करने की सलाह दी जाती है।
सोमवती अमावस्या के दिन नए कपड़े और जूते-चप्पल के अलावा, सरसों का तेल भी नहीं खरीदना चाहिए। शास्त्रों में तेल का सीधा संबंध शनिदेव से है। अमावस्या के दिन तेल घर लाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
बताया जाता है कि,अमावस्या के दिन लोहे के बर्तन या औजार खरीदने से भी बचना चाहिए।लोहे को राहु का कारक माना जाता है। अमावस्या के दिन लोहे के बर्तन या औजार खरीदने से दुर्भाग्य और कष्ट आते हैं। इसलिए इस दिन लोहे के बर्तन या औजार खरीदने के लिए मना किया जाता है।
झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि अमावस्या पर झाड़ू खरीदने से घर में दरिद्रता का प्रवेश होता है।
अमावस्या का दिन मुख्य रूप से पितरों को समर्पित होता है। इस दिन नया अनाज या आटा खरीदने से घर की बरकत रुक जाती है।
इस दिन लकड़ी, लकड़ी का फर्नीचर या कोयला जैसी चीजें खरीदने से घर में आर्थिक तंगी और दोष उत्पन्न हो सकते हैं।