Sawan Somwar: शिव चालीसा की इन पंक्तियों में छिपा है संकटों से मुक्ति का रहस्य, आज जरूर करें पाठ

Shiv Chalisa Path : इस सावन सोमवार शिव चालीसा की इन खास पंक्तियों का पाठ जरूर करें। मान्यता है कि इनके जाप से भगवान शिव की कृपा मिलती है और जीवन के संकटों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
Shiv Chalisa Benefits
भगवान शिव भगवान शिव (सौ.AI)
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Shiv Chalisa Benefits :आज पूरे देश भर में सावन का दूसरा सोमवार मनाया जा रहा है। शास्त्रों में सावन महीने में पड़ने वाले सोमवार का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। कहते हैं सावन के दूसरे सोमवार पर शिव चालीसा का पाठ विशेष फलदायी होता है, जिससे वैवाहिक सुख और मनचाहा वर मिलता है। इसकी कुछ शक्तिशाली पंक्तियां संकटों, दरिद्रता और पापों का नाश कर महादेव का आशीर्वाद दिलाती हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं शिव चालीसा की शक्तिशाली पंक्तियां और उनके अर्थ के बारे में।

सावन सोमवार पर जरूर करें शिव चालीसा का पाठ

संकट और शत्रुओं के नाश के लिए

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।

कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

इस पंक्ति का अर्थ है कि हे माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र भगवान गणेश आपकी जय हो। आप सभी मंगल, कल्याण और सुखों के मूल या स्रोत हैं। अयोध्यादास जी कहते हैं कि भगवान शिव आप मेरे को निडरता का वरदान दीजिए, जिससे जीवन के सभी भय और संकट दूर हो जाएं।

दरिद्रता, रोग और दुखों से छुटकारा के लिए

जय गिरिजपति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥

भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुंडल नागफनी के॥

शिव चालीसा की इस पंक्ति का अर्थ है कि हे माता पार्वती और असहायों पर दया करने वाले महादेव आपकी जय हो। आप सदैव अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं। आपके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान है और कानों में नागफनी के कुंडल आपकी अलौकिक शोभा को बढ़ाते हैं।

पाप और नकारात्मक ऊर्जा के नाश के लिए

त्रिपुरारि विनाशक मारे। शक्ति समन्विता अभिमत सारे॥

गंगा जल पावन बहु आवे। सोहत भाल बाल छवि गावे॥

इस पंक्ति का अर्थ है कि त्रिपुरासुर का नाश करने वाले भगवान शिव आप सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। आपके मस्तक पर गंगा का जल और चंद्रमा सुशोभित हैं, जो उनकी अधिक शोभा बढ़ाते हैं।

शिव चालीसा का पाठ करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान

धर्म ग्रथों में शिव चालीसा का पाठ प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है।

पाठ के दौरान आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।

शिव चालीसा का पाठ करने से पहले देसी घी का दीपक जलाएं।

शिव चालीसा के दौरान किसी से वाद-विवाद न करें और किसी के बारे में गलत न सोचें।

Shiv Chalisa Benefits
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