मां सरस्वती को भोग में क्या चढ़ाएं? जानिए विद्या की देवी का सबसे प्रिय भोग जिससे मनोकामनाएं होंगी पूरी

Saraswati Puja Bhog: मां सरस्वती को भोग में क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए विद्या की देवी का सबसे प्रिय भोग, पूजा में चढ़ाने योग्य सात्विक प्रसाद और उनसे मिलने वाले शुभ फल।
Basant Panchami 2026
मां सरस्वती ( सौ.सोशल मीडिया)
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Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को पूरे देशभर में बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। ज्ञान एवं बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पावन पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और इसी दिन से वसंत ऋतु का आगमन भी होता है।

शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा भक्ति भाव के साथ करने से उच्च शिक्षा की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की सभी बाधाओं का नाश होता है। देवी पूजन में भोग का विशेष महत्व है। ऐसे में मां सरस्वती को खुश करने के लिए कुछ विशेष चीजों का भोग जरूर लगाए। आइए जानते हैं मां के प्रिय भोग और उनके धार्मिक महत्व के बारे में।

मां सरस्वती का क्या है प्रिय भोग

केसरिया मीठे चावल

मां सरस्वती को पीला रंग बहुत प्रिय है, क्योंकि यह रंग पवित्रता, नई ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक है। यही वजह है कि बसंत पंचमी पर मुख्य रूप से केसरिया मीठे चावल का भोग लगाया जाता है। पीला रंग गुरु बृहस्पति ग्रह से भी जुड़ा है, जो बुद्धि और सौभाग्य के कारक हैं। केसर और हल्दी से बने ये चावल देवी को चढ़ाने से कुंडली में गुरु दोष दूर होता है।

कैसे बनाएं? केसरिया मीठे चावल -

चावल में केसर, चीनी, सूखे मेवे और इलायची डालकर इसे तैयार किया जाता है। इसकी मिठास जीवन में सुख-समृद्धि लाती है।

ये भोग भी चढ़ा सकते हैं मां सरस्वती को

  • बूंदी के लड्डू

इस दिन मां शारदा को पीली बूंदी के लड्डू चढ़ाने से वाणी में मधुरता आती है और एकाग्रता बढ़ती है।

  • मालपुआ

उत्तर भारत के कई हिस्सों में मां को मालपुआ अर्पित किया जाता है, जिसे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

  • बेर और ऋतु फल

बसंत पंचमी के दिन बेर का फल चढ़ाना महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, कहते हैं कि इस दिन मां को बेर अर्पित करने के बाद ही इसे खाना शुरू करना चाहिए।

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