

Sankashti Chaturthi Kab Hai: हिन्दू धर्म ग्रथों में गणपति की उपासना के लिए चतुर्थी तिथि को बहुत ही शुभ एवं फलदायक बताया गया है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाने वाली संकष्टी चतुर्थी का व्रत इस बार 5 मई को रखा जा रहा है।
इस दिन भगवान गणेश के एकदंत स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। पौराणिक कथा के अनुसार, मदासुर नामक दैत्य का वध करने के लिए भगवान गणेश एकदंत स्वरूप में प्रकट हुए थे । मान्यता है कि एकदंत चतुर्थी पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर हर प्रकार के संकट और कष्ट दूर हो जाते हैं और गणपति देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आर्थिक संकट से छुटकारा पाने के लिए संकष्टी चतुर्थी की रात एक पान का पत्ता लें और उस पर सिंदूर व गुड़ रखें। फिर पूरे विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा कर वह पान का पत्ता अर्पित करें।कहा जाता है कि, इस उपाय को हर बुधवार को करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
संकष्टी चतुर्थी की रात जब भी समय मिले, भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें और उसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। पाठ पूर्ण होने पर 11 दीपक जलाकर गणेश जी की आरती करें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है और व्यापार में वृद्धि के योग बनते हैं, साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
नजर दोष से बचने के लिए संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी को 5 नारियल या फिर 11 सुपारी चढ़ाएं। पूजा खत्म होने के बाद उसे किसी ब्राह्मण को दान कर दें।
सुख और समृद्धि की कामना करते हैं तो संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी को पूजा के समय कम से कम 21 दूर्वा अर्पित करें 5 मोदक का भोग लगाएं आप चाहें तो चांदी के बर्तन में मोदक या लड्डू घर पर ही बनाएं. फिर उनका गणेश जी को भोग लगाएं। यह उपाय आपकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा।