

Gajanan Sankashti Chaturthi Benefits : 2 अगस्त, रविवार को गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर साल सावन महीने में मनाया जाता है। इसलिए इसे गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत कहा जाता है।
धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, जो भी भक्त इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से गणेश जी की पूजा अर्चना करता है उसके जीवन की सारी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख, शांति व समृद्धि का आगमन होता है।
वही, संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ ही कुछ उपाय भी आपके लिए बेहद शुभ साबित हो सकते हैं। इन उपायों को करने से आपकी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं और जीवन की विघ्न-बाधाएं भी दूर होती हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए गजानन संकष्टी चतुर्थी के दिन आप गन्ने के रस से भगवान गणेश का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से पैसों की तंगी दूर होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
कुंडली में बुध ग्रह मजबूत करने के लिए पूजा के समय गाय के दूध में दूर्वा मिलाकर भगवान गणेश का अभिषेक करें। कहा जाता है कि, इस उपाय को करने से बुध देव की कृपा व्रती पर बरसती है। उनकी कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी होते हैं।
मनचाहा वरदान पाने के लिए गजानन संकष्टी चतुर्थी पर भक्ति भाव से गणपति बप्पा की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय गणपति बप्पा को मोदक अवश्य अर्पित करें। गणपति बप्पा को मोदक अति प्रिय है। इस उपाय को करने से व्रती को मनचाहा वरदान मिलता है।
अगर आपको किसी भी काम में मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल पा रही है तो अपने कामों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए संकष्टी चतुर्थी के दिन गणपति जी के इस सफलता प्राप्ति मंत्र का जप करें। मंत्र है- 'गं गणपतये नमः' इस मंत्र का 11 बार जप करें और हर बार मंत्र बोलने के बाद भगवान को पुष्पांजलि अर्पित करें।