गुरु का कर्क राशि में महागोचर: कई राज्यों में बाढ़, कहीं अकाल का खतरा, जानें मौसम और आपदाओं पर भविष्यवाणी

Graha-Gochar: 31 मई से 6 जून के बीच गुरु का कर्क राशि में बड़ा गोचर होने जा रहा है। इसके प्रभाव से सोना, चांदी, अनाज के दामों में भारी तेजी आएगी। देश के कई राज्यों में प्राकृतिक आपदा का संकट गहराएगा।
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ग्रह गोचर (AI Generated image)
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Weekly Graha-Gochar: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिनांक 31 मई से 06 जून 2026 का सप्ताह अंतरिक्ष में बड़े बदलावों का गवाह बनने जा रहा है। इस सप्ताह सूर्य वृषभ में, मंगल मेष में, बुध और शुक्र मिथुन राशि में रहेंगे। शनि मीन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में गोचर करेंगे।

इस सप्ताह का सबसे बड़ा बदलाव दिनांक 02 जून 2026 को दोपहर 01:57 बजे होगा, जब देवताओं के गुरु बृहस्पति (गुरु) मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस दौरान चंद्रमा वृश्चिक, धनु, मकर और कुंभ राशि में संचरण करेगा।

सोना-चांदी, अनाज और रूई में आएगी विशेष तेजी

02 जून को कर्क राशि में गुरु के प्रवेश करते ही कमोडिटी और सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल दिखेगी। इस गोचर के प्रभाव से गुड़, खांड, घी, तेलवाना, कपास, सोना, चांदी, गेहूं, जौ, चना, तिल, तेल, उड़द, मूंग, मोंठ और चावल की कीमतों में भारी उछाल (तेजी) आएगा। विशेष रूप से रूई के बाजार में भारी तेजी देखने को मिलेगी, जिससे कपड़ा उद्योग प्रभावित होगा।

प्राकृतिक आपदाओं की आशंका

गुरु का कर्क राशि में जाना देश के मौसम और कृषि व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत दे रहा है। इसके प्रभाव से देश में दुर्भिक्ष (अकाल जैसी) स्थिति पैदा हो सकती है। कहीं भारी बारिश और बाढ़ के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा, तो वहीं उत्तरी भारत के कुछ प्रांतों में वर्षा न होने से सूखे की स्थिति बनेगी। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, असम, बंगाल, केरल और हिंदप्रांत (मध्य भारत) में प्राकृतिक आपदाओं की गंभीर आशंका बनी रहेगी।

इस सप्ताह के मुख्य व्रत और त्योहार

धार्मिक दृष्टिकोण से इस सप्ताह दो प्रमुख तिथियां आ रही हैं। रविवार, 31 मई 2026 को ज्येष्ठ महीने की स्नानदान पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिसमें पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। इसके बाद बुधवार, 03 जून 2026 को संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाएगी और रात को 09:36 बजे चतुर्थी का चंद्रोदय होगा, जिसके बाद व्रत खोला जाएगा।

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