Putrada Ekadashi: व्रत रखना मुमकिन नहीं तो क्या करें? इन उपायों में छिपा है एकादशी का पुण्य

Ekadashi: पुत्रदा एकादशी का व्रत रखना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में कुछ सरल धार्मिक उपाय करके एकादशी के पुण्य की प्राप्ति की जा सकती है। जानें व्रत न रख पाने पर किन उपायों को करना शुभ है।
Ekadashi Vrat Ke Bina Punya
श्री हरि भगवान विष्णु (सौ.जैमिनी)
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Ekadashi Vrat Ke Bina Punya: श्री हरि भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत महीने में दो बार रखा जाता है एक कृष्ण और दूसरा शुक्ल पक्ष में। सभी का अपना-अपना महत्व है। सालभर में आने वाली सभी एकादशियों में श्रावण पुत्रदा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

पुत्रदा एकादशी पर निर्जला व्रत रखने की परंपरा है। यदि आप किसी कारणवश व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो यहां बताए गए उपायों को अपनाकर पूरा पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते है इन उपायों के बारें में-

बिना व्रत के एकादशी का पुण्य प्राप्त करने के उपाय

धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, अगर कोई किसी कारणवश यानि शारीरिक कमजोरी के कारण व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो भी वह श्री हरि भगवान विष्णु की कृपा पा सकता है। पुण्य पाने के लिए पूजा, कथा श्रवण, और सात्विक नियमों का पालन करके पुत्रदा एकादशी का पुण्य प्राप्त कर सकते है।

अन्न का करें त्याग

अगर आप व्रत नहीं रख सकते, तो भी इस दिन आप अनाज का त्याग कर सकते हैं। कोशिश करें कि, इस दिन चावल, गेहूं और दालों का सेवन न करें। ऐसे में आप फल, दूध, ड्राई फ्रूट्स या व्रत में खाई जाने वाली चीजें जैसे साबूदाना और कुट्टू का सेवन कर सकते हैं। इससे शरीर हल्का रहता है और व्रत का पुण्य भी मिलता है।

एक ही बार करें भोजन

पुत्रदा एकादशी का पुण्य प्राप्त करने के लिए आप दिन में केवल एक बार हल्का और सात्विक भोजन करें। तला-भुना, ज्यादा मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए। इस दिन सादा भोजन करने से शरीर और मन दोनों शांत रहते हैं, जिससे भक्ति और ध्यान में मन आसानी से लगता है।

कैसे मिलेगा व्रत का फल

एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की आराधना करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

इसके साथ ही 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने से मन शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति उपवास से भी अधिक फलदायी होती है।

पुत्रदा एकादशी का व्रत किन लोगों को करना चाहिए?

धर्म- शास्त्रों के अनुसार, पुत्रदा एकादशी नाम से प्रतीत होता है कि एकादशी का व्रत संतान सुख की प्राप्ति, संतान की लंबी उम्र और उन्नति की कामना के लिए कोई भी दंपती या विष्णु भक्त रख सकता है।

संतान सुख की चाह रखने वाले दंपती

जिन दम्पतियों को संतान का सुख प्राप्त नहीं हुआ है, वो योग्य संतान की प्राप्ति के लिए ये व्रत रख सकते है।

माता और पिता

पुत्रदा एकादशी का व्रत माता और पिता दोनों अपने संतान के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और उज्ज्वल भविष्य के लिए ये उपवास कर सकते है।

अन्य भक्तजन

पुत्रदा एकादशी का व्रत अन्य भक्तजन भी भगवान विष्णु की कृपा पाने और पापों से मुक्ति के लिए कर सकता है।

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