Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, एक गलती से अधूरा रह सकता है व्रत का पुण्य

Putrada Ekadashi Rules: पुत्रदा एकादशी व्रत को लेकर शास्त्रों में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। जानिए वे 5 काम जिन्हें इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए, वरना व्रत का पुण्य अधूरा रह सकता है।
Putrada Ekadashi Par Kya Na Kare
भगवान विष्णु (सौ.जैमिनी)
Published on: 
Updated on: 

Putrada Ekadashi Par Kya Na Kare: सावन महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली 'पुत्रदा एकादशी' इस बार 23 अगस्त 2026, रविवार को मनाई जाएगी। यह व्रत मुख्य रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए बेहद फलदायी माना गया है। इसके अलावा, जिन लोगों के बच्चे हैं, वो लोग अपनी संतान की लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य और उनके जीवन की तरक्की के लिए यह व्रत रखते हैं।

साल में 2 बार बनता है पुत्रदा एकादशी का संयोग

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 2 बार पुत्रदा एकादशी व्रत का संयोग बनता है। पौष मास की एकादशी को 'पौष पुत्रदा एकादशी' के नाम से जाना जाता है। पहली पुत्रदा एकादशी पौष महीने में और दूसरी सावन शुक्ल पक्ष में पड़ती है।

Putrada Ekadashi Par Kya Na Kare
Kajari Teej 2026: सुहाग की इस खास रात चांद को क्यों दिया जाता है अर्घ्य? जानें सही तारीख और 4 खास उपाय

पुत्रदा एकादशी के दिन न करें ये 5 काम

  • चावल न खाएं

पुत्रदा एकादशी के दिन चावल खाना पूरी तरह वर्जित माना गया है। व्रत न रखने वाले परिवार के सदस्यों को भी इस दिन चावल खाने से बचना चाहिए।

  • तामसिक भोजन से करें परहेज

लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के मांसाहार का सेवन न करें।

  • दिन में न सोएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन दिन में सोने से व्रत का पुण्य फल कम हो जाता है।

क्रोध और वाद-विवाद से बचें

इस दिन मन को शांत रखें। किसी भी बड़े-बुजुर्ग, महिला या अन्य व्यक्ति का अपमान न करें और अपशब्द न बोलें।

ब्रह्मचर्य का पालन करें

एकादशी तिथि पर भौतिक और शारीरिक विलासिता से दूर रहें तथा ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए भगवान विष्णु की आराधना करें।

Putrada Ekadashi Par Kya Na Kare
28 अगस्त को राखी और चंद्र ग्रहण एक साथ, क्या बदल जाएगा राखी बांधने का समय? जानें सूतक का पूरा गणित
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com