

Putrada Ekadashi Par Kya Na Kare: सावन महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली 'पुत्रदा एकादशी' इस बार 23 अगस्त 2026, रविवार को मनाई जाएगी। यह व्रत मुख्य रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए बेहद फलदायी माना गया है। इसके अलावा, जिन लोगों के बच्चे हैं, वो लोग अपनी संतान की लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य और उनके जीवन की तरक्की के लिए यह व्रत रखते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 2 बार पुत्रदा एकादशी व्रत का संयोग बनता है। पौष मास की एकादशी को 'पौष पुत्रदा एकादशी' के नाम से जाना जाता है। पहली पुत्रदा एकादशी पौष महीने में और दूसरी सावन शुक्ल पक्ष में पड़ती है।
चावल न खाएं
पुत्रदा एकादशी के दिन चावल खाना पूरी तरह वर्जित माना गया है। व्रत न रखने वाले परिवार के सदस्यों को भी इस दिन चावल खाने से बचना चाहिए।
तामसिक भोजन से करें परहेज
लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के मांसाहार का सेवन न करें।
दिन में न सोएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन दिन में सोने से व्रत का पुण्य फल कम हो जाता है।
इस दिन मन को शांत रखें। किसी भी बड़े-बुजुर्ग, महिला या अन्य व्यक्ति का अपमान न करें और अपशब्द न बोलें।
एकादशी तिथि पर भौतिक और शारीरिक विलासिता से दूर रहें तथा ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए भगवान विष्णु की आराधना करें।