New Year 2026: 1 जनवरी को करें वास्तु का ये उपाय, पति-पत्नी के बीच कभी नहीं होगी अनबन

New Year Relationship Goals: नए साल की शुरुआत अगर सही वास्तु उपायों के साथ की जाए तो दांपत्य जीवन में प्रेम, समझ और सकारात्मकता बनी रहती है। ये वास्तु उपाय पति-पत्नी के बीच तनाव और अनबन को दूर करेंगे।
Vastu Tips for Happy Married Life
घर में पूजा करते पति-पत्नी (सौ. फ्रीपिक)
Updated on

New Year Relationship Tips: नया साल केवल कैलेंडर बदलने का नाम नहीं है बल्कि यह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का अवसर है। अगर बीते साल आपके वैवाहिक जीवन में तनाव या अनबन रही है तो वास्तु शास्त्र के ये छोटे मगर प्रभावी उपाय 1 जनवरी को जरूर आजमाएं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे आसपास की ऊर्जा हमारे रिश्तों पर गहरा प्रभाव डालती है। साल 2026 की शुरुआत यदि सही दिशा और सही ऊर्जा के साथ की जाए तो पूरे साल दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है। विशेषकर पति पत्नी के बीच होने वाले छोटे-मोटे झगड़े को दूर करने के लिए 1 जनवरी का दिन बेहद खास माना जाता है।

साथ पूजा करें

नए साल का पहला दिन पति पत्नी के बीच आई दूरियों को दूर करने के लिए जरूरी माना गया है। इस दिन पति पत्नी साथ में पूजा करें और मंत्र जाप करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी और प्यार बढ़ेगा।

बेडरूम से दूर करें नकारात्मकता

वास्तु के अनुसार दांपत्य जीवन का केंद्र बेडरूम होता है। नए साल के पहले दिन अपने बेडरूम की गहराई से सफाई करें। यदि वहां कोई टूटा हुआ शीशा, बंद घड़ी या कबाड़ है, तो उसे तुरंत हटा दें। 1 जनवरी की सुबह बेडरूम में सेंधा नमक के पानी का पोछा लगाएं यह नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है।

प्रेम बढ़ाने का उपाय

रिश्तों में मधुरता लाने के लिए 1 जनवरी को अपने बेडरूम के दक्षिण-पश्चिम कोने में दो हंसों का जोड़ा या राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाएं। यदि संभव हो तो कांच के एक कटोरे में गुलाब की कुछ पंखुड़ियां और ताज़ा पानी भरकर रखें। इसकी खुशबू और ताजगी आपके रिश्तों में नयापन लेकर आएगी।

मुख्य द्वार पर करें बदलाव

घर का मुख्य द्वार खुशियों के प्रवेश का मार्ग है। 1 जनवरी को मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं और सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं। शाम के समय घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का वास होता है और पारिवारिक क्लेश खत्म होते हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com