होलिका दहन की तिथि को लेकर कंफ्यूज़न? यहां जानिए सबसे सटीक मुहूर्त, इस दिन क्या न करें अभी नोट कर लीजिए

Holika Dahan Rituals: होलिका दहन की तिथि को लेकर अगर आपके मन में भी भ्रम है तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां जानिए सबसे सटीक मुहूर्त, पूजन का सही समय और इस दिन किन कार्यों से बचना चाहिए।
Holika Dahan Exact Muhurat
होलिका दहन(सौ. AI)
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Holika Dahan Exact Muhurat:  सनातन धर्म में होली केवल एक त्योहार ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान भी है। यह ऐसा उत्सव है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

होलिका दहन आज 2 मार्च को ही किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त के समय के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त थोड़ा अलग हो सकता है।

यह दिन नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मकता का स्वागत करने का है। वहीं, इस दिन को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए। आइए उन नियमों को जानते हैं।

होलिका दहन की रात प्रभावशाली और संवेदनशील

होलिका दहन की रात को शास्त्रों में अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील माना गया है। इस रात की गई एक छोटी सी भूल आपकी सुख-समृद्धि को प्रभावित कर सकती है।

होलिका दहन की रात भूलकर भी ये 7 गलतियां न करें

  • पैसे का लेन देन

ज्योतिषयों के अनुसार, होलिका दहन की रात भूलकर भी किसी को भी पैसा उधार देने या लेने से बचें। माना जाता है कि ऐसा करने से घर की बरकत रुक जाती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

  • सफेद या पीले कपड़े पहनना

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका दहन के समय सफेद रंग के कपड़े पहनने से नकारात्मक शक्तियां जल्दी आकर्षित होती हैं। इस दिन गहरे रंगों के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

  • बाल खुले रखना

कहा जाता है कि, होलिका दहन के दिन महिलाओं को पूजा के समय अपने बाल खुले नहीं रखने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खुले बाल नकारात्मक ऊर्जा को सोख सकते हैं, इसलिए बाल बांधकर ही पूजा में शामिल हों।

  • तामसिक भोजन का सेवन

होलिका दहन के इस पवित्र रात में मांस, मदिरा या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी अशुभ माना गया है।

  • नवविवाहितों द्वारा अग्नि देखना

जिन महिलाओं की शादी के बाद पहली होली है, उन्हें जलती हुई होलिका देखने की मनाही होती है। माना जाता है कि इससे वैवाहिक जीवन में कलह या दुर्भाग्य आ सकता है।

  • बाहर का भोजन करना

होलिका दहन की रात अनजान व्यक्ति या किसी दूसरे के घर का भोजन करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से बाहर खुले में खड़े होकर मीठी चीजें खाने से परहेज करें।

  • बुजुर्गों का अपमान

इस दिन किसी भी महिला या बड़े-बुजुर्ग का अपमान न करें। क्रोध और अपशब्दों का प्रयोग करने से घर की शांति भंग होती है और ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।

शुभ फल के लिए क्या करें?

होलिका दहन के बाद उसकी पवित्र राख को घर के मुख्य द्वार पर छिड़कना और सात बार परिक्रमा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

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