

Pitru Paksha Mein Kya Na Kare: हर साल भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन अमावस्या तक पितृ पक्ष का समय होता हैं। इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म किए जाते हैं।
वही इस दौरान कुछ गलतियों से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आप ये गलतियां करते हैं तो आपके पूर्वज आपसे नाराज हो सकते हैं और घर में समस्याएं बढ़ सकती हैं। पितृ पक्ष में क्या नहीं करना चाहिए ? यहां जानिए
धार्मिक एवं लोक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष का समय पितरों को समर्पित होता हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दौरान किसी भी तरह के शुभ काम जैसी शादी या सगाई की रस्में, नए घर में प्रवेश,नया व्यवसाय शुरू आदि जैसे कामों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। यह समय पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित होता है न कि अन्य शुभ कामों के लिए।
धर्म ग्रथों के अनुसार,पितृ पक्ष के दौरान शुभ कार्यो के अलावा, खानपान में भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर इस दौरान तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पितर नाराज हो सकते हैं और पितृ दोष का प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए पितृ पक्ष में मांस-मदिरा समेत तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
पितृ पक्ष के 16 दिनों तक घर में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें। यदि आप घर में कलह क्लेश करेंगे तो आपके पूर्वज आपसे नाराज हो सकते हैं।
पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित हैं इस अवधि में पूर्वजों का श्राद्ध करना सबसे जरूरी बताया गया हैं।आप यदि ऐसा नहीं करते हैं तो आपके घर में पितृ दोष लग सकता है और आप पूर्वजों के आशीर्वाद से वंचित रह सकते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान किसी भी असहाय को परेशान नहीं करना चाहिए। इस दौरान आप पशु-पक्षियों को भी नहीं सताना चाहिए। ऐसा करने से घर में पितृ दोष लग सकता है और पूर्वज नाराज हो सकते हैं। इसलिए ऐसी गलती भूलकर भी नहीं करना चाहिए।