

Pitru Paksha Mein Shaam Ka Kaam: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यह पवित्र समय अपने पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए जाना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं। साथ ही, पितृ पक्ष में घर के मुख्य द्वार से जुड़े कुछ वास्तु उपाय करने की भी मान्यता है। माना जाता है कि इन उपायों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
वास्तु के अनुसार, घर का मुख्य द्वार बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसे घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख मार्ग माना जाता है। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान मुख्य द्वार के आसपास धूल, कबाड़, टूटे हुए बर्तन या गंदगी बिल्कुल न रखें। द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखें।
गरुड़ पुराण के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान मुख्य द्वार पर रोजाना पानी से छिड़काव करना चाहिए। इससे पूर्वजों को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर सदैव बना रहता है। इसलिए यह उपाय करना गरुड़ पुराण में शुभ माना गया है।
पितृ पक्ष के दौरान मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल अस्त-व्यस्त न रखें।किसी उचित स्थान पर व्यवस्थित तरह से रखें। वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल रखने के लिए दक्षिण या पश्चिम दिशा को सबसे अच्छा माना गया है।
पितृ पक्ष में रोज सूर्यास्ता यानी शाम के समय मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके सरसों या तिल के तेल का दीपक जरूर जलाएं। इससे पितृ प्रसन्न होते है और अपनी दया दृष्टि बनाये रखते है।
पितृ पक्ष के दौरान मुख्य द्वार के आसपास तुलसी, अशोक या शमी का पौधा लगाया जा सकता है। यह सभी पौधे पितृ पक्ष के दौरान घर पर लगाना वास्तु के लिहाज से बहुत अधिक शुभ माना जाता है।