

Akshaya Navami 2024: हिंदू धर्म में सभी व्रत और त्योहार का खास महत्व होता है जिसमें ही आज देशभर में अक्षय नवमी या आंवला नवमी मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। देवउठनी एकादशी के दो दिन पड़ने वाली तिथि को सबसे पवित्र माना जाता है जो कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि होती है। इस अक्षय नवमी के शुभ दिन विभिन्न प्रकार की धार्मिक गतिविधियां और नियमों के साथ पूजा की जाती है। बता दें कि, 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी इस दिन के बाद से ही विवाह के शुभ मुहूर्त की शुरुआत हो जाती है।
यहां पर अक्षय नवमी यानि आंवला नवमी से जुड़ा इतिहास भगवान श्रीकृष्ण के समय से जुड़ा है। यहां जब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए वृंदावन से मथुरा की यात्रा की थी और यही वह दिन था जब सत्य युग की शुरुआत हुई थी इसके लिए आंवला नवमी की पूजा की जाने लगी और यह परंपरा अनवरत आज तक विद्यमान है। कहा जात है इस दिन कोई भी भक्त भगवान विष्णु की पूजा करता हैं उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
यहां पर आज अक्षय नवमी की पूजा विधि की जानकारी दे रहे है इसके अनुसार आप पूजा कर सकते है... 1- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। 2- आंवले के पेड़ के नीचे पूर्व दिशा की ओर मुख करके उसकी पूजा करें। 3- पेड़ की जड़ों में कच्चा दूध चढ़ाएं। 4- उसके समक्ष घी का दीपक जलाएं। 5- हल्दी, कुमकुम से तिलक करें। 6-पेड़ के चारों ओर सात बार लाल धागा बांधें। 7-उसपर पीला वस्त्र अर्पित करें। 8-श्री हरि का ध्यान करें और उनकी विधिपूर्वक पूजा करें। 9-अक्षय नवमी कथा का पाठ करें। 10- पेड़ के चारों ओर 7 बार परिक्रमा करें। 11- इस तिथि पर किसी गरीब ब्राह्मण को भोजन खिलाएं और वस्त्र का दान करें। 12-इस दिन दान-पुण्य जरूर करें।