जैसलमेर में 'गौ सेवा' की शर्मनाक तस्वीर: डंपिंग यार्ड में मिलीं 500 से ज्यादा गायों की लाशें, जिम्मेदार कौन?

Rajasthan News: राजस्थान के जैसलमेर में गौ संरक्षण के दावों के बीच एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में 500 से अधिक मृत गायों के सड़े हुए शव मिले हैं।
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डंपिंग यार्ड में मिलीं 500 से ज्यादा गायों की लाशें, फोटो- सोशल मीडिया
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Jaisalmer Dumping Yard 500 Dead Cows: राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक ऐसी भयावह तस्वीर सामने आई है जिसने न केवल सरकारी व्यवस्थाओं, बल्कि समाज के गौ संरक्षण के दावों पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर रामगढ़ मार्ग पर स्थित नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में सैकड़ों की संख्या में गायों के शव खुले में पड़े मिले हैं।

सोशल मीडिया पर इस मंजर का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और गो प्रेमियों में भारी नाराजगी है, जो लंबे समय से मृत पशुओं के उचित निस्तारण न होने की शिकायत कर रहे थे।

ठेकेदार की बेरुखी, गो प्रेमियों का छलका दर्द

डंपिंग यार्ड में शवों के जमा होने का मुख्य कारण नगर परिषद द्वारा अधिकृत ठेकेदार की घोर लापरवाही को बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार समय पर मृत पशुओं का निस्तारण करने में विफल रहा, जिससे शवों का ढेर लग गया और पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई। गो प्रेमियों का कहना है कि जिस 'गौ माता' को पूजने की बातें मंचों से की जाती हैं, उन्हें इस तरह कचरे में सड़ने के लिए छोड़ देना बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाला दृश्य है।

कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट, ठेकेदार को नोटिस

मामला तूल पकड़ते ही प्रशासन हरकत में आया है। जैसलमेर जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने इस पूरी घटना पर अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। वहीं, नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार गोपाराम को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नगर परिषद ने दावा किया है कि अब डंपिंग यार्ड से इन शवों को हटाकर उनका विधिवत निस्तारण कर दिया गया है।

नारों और हकीकत के बीच का कड़वा सच

स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशालाओं की बदहाली, चारे-पानी की कमी और बीमार गायों के समय पर उपचार न होने जैसी जमीनी समस्याओं का समाधान किए बिना केवल दावों से कुछ नहीं होगा। प्रशासन से मांग की जा रही है कि वे भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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