

Punjab Moga Police Station: पंजाब के मोगा सदर पुलिस स्टेशन के बाहर हुए धमाके के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सीधी तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मोगा सदर पुलिस स्टेशन में हुआ विस्फोट पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से आशंका थी कि कुछ ताकतें पंजाब की शांति भंग करने की कोशिश कर रही हैं और आज की घटना ने इस डर को सच साबित कर दिया।
रवनीत सिंह बिट्टू ने लिखा, "मोगा के सदर पुलिस स्टेशन में हुआ धमाका इस बात का साफ सबूत है कि पंजाब सरकार लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने में पूरी तरह फेल रही है। मैंने पहले ही यह डर जताया था कि कुछ ताकतें पंजाब की शांति को खराब करने की फिराक में हैं, और आज की घटना ने इस डर को सच में बदल दिया है।"
मंत्री ने आगे लिखा "मैं हमेशा यही कहता हूं। जो आग लगाते हैं, वे बस चिंगारी जलाकर निकल जाते हैं, लेकिन उससे जो डर और अशांति का माहौल बनता है। उस नुकसान का पूरा बोझ पंजाब और पंजाबियों को उठाना पड़ता है। किसी और को कोई नुकसान नहीं होता।"
वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी 'एक्स' पर पोस्ट कर घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने लिखा कि मोगा सदर पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ धमाका भगवंत मान सरकार के तहत कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने की याद दिलाता है।
https://twitter.com/RajaBrar_INC/status/2075086887350571404
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए कहा, "जब पुलिस थाने ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम पंजाबी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? मुख्यमंत्री को प्रचार और बड़े-बड़े दावों के बजाय यह जवाब देना चाहिए कि पंजाब में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हो रहे हैं। पंजाब की जनता बहाने नहीं बल्कि जवाबदेही चाहती है।"
बता दें कि पंजाब विधानसभा की सभी 117 सीटों के लिए चुनाव फरवरी 2027 में होने की उम्मीद है क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का पांच साल का कार्यकाल तब तक पूरा होगा। हालांकि, नवंबर 2026 में समय से पहले चुनाव कराए जाने की भी चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नवंबर या दिसंबर 2026 में चुनाव कराए जाने की संभावना जताई गई है।