3 घंटे का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में, 11,500 फीट की ऊंचाई पर भारत ने रचा इतिहास, PHOTOS में देखें जोजिला टनल
Zojila Tunnel Breakthrough: जोजिला टनल में ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। कश्मीर से लद्दाख के बीच का सफर अब 3 घंटे से घटकर महज 15 मिनट में तय होगा। इस मौके पर नितिन गडकरी, उमर अब्दुल्ला और मनोज सिन्हा मौजूद थे।
जोजिला टनल के अंतिम ब्रेकथ्रू के कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी, मनोज सिन्हा और उमर अब्दुल्ला (फोटो सोर्स- आईएएनएस)
आज यानी 9 जून का दिन जम्मू कश्मीर और लद्दाख में नया इतिहास रचा गया। कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाली 11,500 फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब, दोनों तरफ से आने-जाने वाली सड़क सुरंग, जोजिला टनल में आखिरी ब्रेकथ्रू का काम पूरा हुआ।
इस ऐतिहासिक पल के गवाह केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बने। टनल के बन जाने के बाद अब कश्मीर से लद्दाक के बीच ऑल वेदर रास्ता बनने का सपना पूरा हो गया। सुरंग के बन जाने से कश्मीर और लद्दाख के बीच यात्रा समय तीन घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट रह गई।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग के अंतिम चरण (ब्रेकथ्रू) के दौरान निरीक्षण भी किया।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे। LG मनोज सिन्हा ने इंजीनियरों की प्रशंसा करते हुए कहा, इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सभी इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इंजीनियरों की प्रशंसा करते हुए कही कि इतनी ज्यादा ऊंचाई और मुश्किल हालात में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए मैं उनकी तारीफ करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि कनेक्टिविटी से ही विकास और आर्थिक समृद्धि आती है। पिछले 12 सालों में भारत ने पूरे देश में इस सेक्टर में अभूतपूर्व काम देखा है।
जोजिला प्रोजेक्ट के अथॉरिटी इंजीनियर अवधेश प्रताप मिश्र ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि 13.2 किलोमीटर का ब्रेकथ्रू, जिसे हम अपनी भाषा में ‘डेलाइटिंग’ कहते हैं, आज हो रहा है और यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद हम बाकी बचा हुआ निर्माण कार्य करेंगे और लगभग डेढ़ से दो साल में सुरंग का काम पूरा कर लेंगे।
कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने के साथ-साथ यह टनल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। 13.15 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब देश कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी हासिल करने के करीब पहुंच गया है।