World Students Day: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की वे 10 बातें, जो हर विद्यार्थी को जाननी चाहिए

Abdul Kalam Student Lessons: विश्व विद्यार्थी दिवस पर जानिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 10 सीख, जो हर विद्यार्थी को जाननी चाहिए। शिक्षा, मेहनत, अनुशासन, सपनों और आत्मविश्वास पर उनके विचार तस्वीरों में।
World Students Day 2026
विश्व विद्यार्थी दिवसडिजाइन फोटो
Updated on: 
Dr. Kalam smiling amidst children
राष्ट्रपति और वैज्ञानिक होने के बावजूद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम खुद को सबसे पहले एक शिक्षक मानते थे। विश्व विद्यार्थी दिवस पर जानिए शिक्षा, मेहनत, अनुशासन, सपनों और आत्मविश्वास से जुड़ी उनकी 10 सीख, जो हर विद्यार्थी के काम आ सकती हैं।डिजाइन फोटो
students looking at the sky
डॉ. कलाम अक्सर कहते थे कि सपने देखना सफलता की पहली सीढ़ी है। उनके विचार का सार यह था कि सपने सोच में बदलते हैं और सोच कर्म में। इसलिए विद्यार्थियों को छोटा सोचने के बजाय ऊँचे लक्ष्य तय करने चाहिए, और फिर उस दिशा में कदम भी बढ़ाने चाहिए।फोटो सोर्स- AI
A student asking a question in class
बचपन में पक्षियों की उड़ान देखकर उनके मन में "क्यों" और "कैसे" जैसे सवाल उठे, और यहीं से विज्ञान के प्रति उनका रुझान शुरू हुआ। डॉ. कलाम मानते थे कि सवाल पूछना सीखने की असली शुरुआत है। कक्षा में सवाल पूछने से झिझकने के बजाय जिज्ञासा को बढ़ने दें।फोटो सोर्स- AI
A student studying late at night
रामेश्वरम में अख़बार बाँटने से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का उनका सफर लगातार मेहनत की मिसाल है। उनका मानना था कि सफलता चमत्कार से नहीं, निरंतर प्रयास से मिलती है। विद्यार्थियों के लिए संदेश साफ है कि शॉर्टकट के बजाय लगातार अभ्यास का रास्ता चुनें।फोटो सोर्स- AI
A student creating a timetable
डॉ. कलाम का जीवन समय की पाबंदी और अनुशासन का उदाहरण माना जाता है। वे कहते थे कि प्रतिभा के साथ अनुशासन हो, तभी वह परिणाम में बदलती है। रोज का नियमित समय-सारिणी बनाना और उस पर टिके रहना हर विद्यार्थी की सबसे उपयोगी आदत हो सकती है।फोटो सोर्स- AI
A historic photograph of the SLV-3 or Rohini satellite
एसएलवी-3 की पहली उड़ान में उन्हें असफलता मिली थी, पर उसके बाद टीम ने आगे बढ़कर 1980 में सफलता पाई। डॉ. कलाम की सीख यही रही कि असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर है। परीक्षा में कम अंक आएँ, तो हिम्मत हारने के बजाय कारण समझकर आगे बढ़ें।फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
Student with teacher
डॉ. कलाम अपने शिक्षकों को जीवनभर याद करते रहे और उनके मार्गदर्शन का ज्रिक्र अपनी पुस्तकों में बार-बार करते थे। वे मानते थे कि अच्छा शिक्षक विद्यार्थी के भीतर आत्मविश्वास जगाता है। इसलिए गुरु का सम्मान करना और उनसे सीखने की विनम्रता रखना जरूरी है।फोटो सोर्स- AI
Students working on a project in a group
मिसाइल कार्यक्रम और उपग्रह प्रक्षेपण जैसी बड़ी परियोजनाएँ सैकड़ों वैज्ञानिकों की साझा मेहनत से पूरी हुईं। डॉ. कलाम अक्सर सफलता का श्रेय पूरी टीम को देते थे। विद्यार्थियों के लिए यह सीख है कि समूह में मिलकर काम करना और दूसरों की बात सुनना आगे चलकर बहुत काम आता है।फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
Children working in a school science laboratory
डॉ. कलाम का सपना था कि भारत विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़कर विकसित राष्ट्र बने। अपनी पुस्तक "इंडिया 2020" में उन्होंने इसी दृष्टि को आगे रखा। वे चाहते थे कि विद्यार्थी विज्ञान से डरें नहीं, प्रयोग करें, और नई तकनीक सीखकर देश के काम आएँ।फोटो सोर्स- AI
Students helping each other
डॉ. कलाम केवल अंकों या डिग्री पर नहीं, अच्छे चरित्र और ईमानदारी पर भी जोर देते थे। उनके अनुसार शिक्षा का असली लक्ष्य अच्छा इंसान बनाना है। सादगी, सच्चाई और दूसरों की मदद करने का भाव वे विद्यार्थियों के जीवन का हिस्सा बनाना चाहते थे।फोटो सोर्स- AI
Dr. Kalam interacting with students
डॉ. कलाम चाहते थे कि हर विद्यार्थी खुद पर भरोसा रखे और यह सोचे कि वह समाज और देश को क्या दे सकता है। उनके अंतिम दिनों तक विद्यार्थियों से संवाद उनकी पहचान रहा। आज अपने आप से एक वादा करें कि सपनों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से सच करेंगे।फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live
navbharatlive.com