सुनील गावस्कर ने उस दौर में बल्लेबाजी की, जब वेस्टइंडीज जैसी टीमों के पास दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज मौजूद थे। खास बात यह थी कि उस समय हेलमेट का इस्तेमाल आम नहीं था, फिर भी उन्होंने बिना डरे उनका सामना किया। अपनी बेहतरीन तकनीक, धैर्य और एकाग्रता के दम पर उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं। यही वजह है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट के सबसे मजबूत ओपनिंग बल्लेबाजों में गिना जाता है।