How Sabudana Is Made: पेड़ पर नहीं उगता साबूदाना, जानिए कैसे तैयार होते हैं गोल-गोल सफेद दाने

How Sabudana Is Made: साबूदाना आखिर बनता कैसे है? जानिए कसावा की जड़ से स्टार्च निकालने, उसे प्रोसेस करने और छोटे सफेद मोती जैसे दाने तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया।
Sabudana Making Process
साबूदाना बनाने की प्रक्रियासोर्स- सोशल मीडिया
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How Sabudana Is Made
साबूदाना किसी अनाज से नहीं बनता। इसे टैपिओका या कसावा नामक कंद की जड़ों से निकाले गए स्टार्च से तैयार किया जाता है। यही स्टार्च आगे चलकर छोटे-छोटे सफेद दानों का रूप लेता है।सोर्स- सोशल मीडिया
Cassava Root
साबूदाने की शुरुआत खेतों में उगने वाले कसावा के पौधे से होती है। इसके नीचे जमीन में मोटी कंद वाली जड़ें विकसित होती हैं, जिनमें स्टार्च की अच्छी मात्रा होती है।सोर्स- सोशल मीडिया
Roots are extracted from the ground
जब कसावा की फसल तैयार हो जाती है, तो उसकी जड़ों को जमीन से निकाला जाता है। इसके बाद जड़ों की सफाई करके मिट्टी और दूसरी बाहरी गंदगी हटाई जाती है।सोर्स- सोशल मीडिया
Starch is extracted from the roots
साफ की गई कसावा जड़ों को पीसकर या प्रसंस्करण के जरिए गूदे जैसा बनाया जाता है। इसके बाद पानी की मदद से स्टार्च को रेशेदार हिस्से से अलग किया जाता है।सोर्स- सोशल मीडिया
The starch is filtered and separated
कसावा के गूदे से मिले मिश्रण को छानने पर रेशे अलग होते हैं और स्टार्च वाला भाग प्राप्त होता है। खाद्य मानकों में भी कसावा से आटा या स्टार्च प्राप्त करने की प्रक्रिया में रेशे अलग करने के लिए छानने का उल्लेख है।सोर्स- सोशल मीडिया
The starch is purified
प्राप्त स्टार्च को आगे साफ और व्यवस्थित किया जाता है, ताकि अनचाहे कण और बाकी अशुद्धियां अलग हो सकें। इसके बाद स्टार्च को साबूदाना बनाने के लिए तैयार किया जाता है।सोर्स- सोशल मीडिया
Sabudana Production
अब स्टार्च को विशेष प्रक्रिया से छोटे गोल दानों का आकार दिया जाता है। इस प्रक्रिया को दानों का आकार देने या गोलिकरण के रूप में समझा जा सकता है। आकार दिए गए साबूदाने के दानों में नमी होती है। इसलिए उन्हें नियंत्रित तरीके से सुखाया जाता है, जिससे दाने टिकाऊ बनें और उनमें आवश्यक नमी का स्तर बना रहे।सोर्स- सोशल मीडिया
Sorting and quality check
सूखने के बाद साबूदाने को छाना और आकार के अनुसार अलग किया जाता है। भारतीय खाद्य मानकों के अनुसार साबूदाने के दाने साफ, मजबूत और समान रंग, आकार तथा आकृति वाले होने चाहिए।सोर्स- सोशल मीडिया
Sabudana Production
कई चरणों से गुजरने के बाद कसावा की जड़ से निकला स्टार्च सफेद मोती जैसे साबूदाने में बदल जाता है। यही साबूदाना आगे खिचड़ी, खीर, वड़ा और दूसरे व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है।सोर्स- सोशल मीडिया

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