M.F. Husain Birthday Special: एम. एफ. हुसैन क्यों कहलाए भारत के पिकासो? जानें उनकी जिंदगी से जुड़े रोचक तथ्य

MF Husain Birthday: 17 सितंबर को जन्मे एम. एफ. हुसैन भारतीय आधुनिक कला के प्रमुख चित्रकारों में गिने जाते हैं। जानें उनकी जिंदगी, घोड़ों वाली पेंटिंग, कला शैली और फिल्मों से जुड़े रोचक तथ्य।
MF Husain Birthday
एम. एफ. हुसैनसोर्स- सोशल मीडिया
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India's Picasso M. F. Husain
मकबूल फिदा हुसैन भारतीय आधुनिक कला के सबसे चर्चित नामों में रहे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अक्सर 'पिकासो ऑफ इंडिया' कहा गया। एम. एफ. हुसैन का जन्म 17 सितंबर 1915 को महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ था। कला की दुनिया में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।सोर्स- सोशल मीडिया
Starting with movie posters
मुंबई में शुरुआती दौर में हुसैन ने फिल्मों के बड़े-बड़े हॉर्डिंग और पोस्टर बनाए। यही काम आगे चलकर उनके कलात्मक सफर का अहम हिस्सा बना। 1947 के आसपास हुसैन बॉम्बे प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप से जुड़े, जिसने भारत में आधुनिक कला की नई दिशा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सोर्स- सोशल मीडिया
Horses became their identity
हुसैन की कला में घोड़े सबसे ज्यादा पहचाने जाने वाले प्रतीकों में शामिल हैं। उनकी 1967 की 'Horse' पेंटिंग राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के संग्रह में दर्ज है।सोर्स- सोशल मीडिया
Gave a modern form to the Ramayana and Mahabharata
हुसैन ने भारतीय पौराणिक और सांस्कृतिक विषयों को अपनी आधुनिक चित्रभाषा में उतारा। उन्होंने रामायण और महाभारत पर अलग-अलग चित्र श्रृंखलाओं पर भी काम किया।सोर्स- सोशल मीडिया
Mother Teresa also became an inspiration
मदर टेरेसा से प्रेरित उनकी 'Mother and Child' श्रृंखला काफी चर्चित रही। राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के संग्रह में इस श्रृंखला की कृति भी मौजूद है।सोर्स- सोशल मीडिया
He was not just a painter, but also a filmmaker
हुसैन ने 1967 में 'Through the Eyes of a Painter' फिल्म बनाई। राजस्थान के दृश्यों पर आधारित इस प्रयोगात्मक फिल्म में संवाद नहीं थे और इसे बर्लिन फिल्म महोत्सव में गोल्डन बियर मिला।सोर्स- सोशल मीडिया
Experimented with various mediums
हुसैन की रचनात्मकता सिर्फ कैनवास तक सीमित नहीं थी। उन्होंने खिलौने, फर्नीचर, भित्तिचित्र, रेखाचित्र, प्रिंट, इंस्टॉलेशन और फिल्मों जैसे कई माध्यमों में काम किया।सोर्स- सोशल मीडिया
Conferred with major national honors
भारत सरकार ने हुसैन को पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया। पद्मविभूषण उन्हें 1991 में दिया गया।सोर्स- सोशल मीडिया
He was also known for not wearing shoes
हुसैन की एक खास पहचान उनका नंगे पैर रहना भी थी। उनके बारे में दर्ज जीवनी के अनुसार उन्होंने 1964 के आसपास जूते पहनना छोड़ दिया था और लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में नंगे पैर दिखाई देते रहे।सोर्स- सोशल मीडिया
Behind the art lay a personal perspective on viewing India
हुसैन की कला में भारतीय लोकजीवन, इतिहास, संस्कृति, मिथक, सिनेमा और आम लोगों की जिंदगी के कई रंग दिखाई देते हैं। इसी बहुआयामी दृष्टि ने उन्हें भारतीय आधुनिक कला का एक अलग और यादगार चेहरा बनाया।सोर्स- सोशल मीडिया
M. F. Husain passes away
एम. एफ. हुसैन की कई पेंटिंग्स विवादों में रहीं, जिन पर मुकदमे भी हुए और उनकी कला को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। इसके बावजूद वे लगातार चित्रकारी करते रहे और दुनिया के कला जगत में उनकी तुलना पाब्लो पिकासो जैसे कलाकारों से की गई। जीवन के अंतिम वर्षों में वे भारत से बाहर रहे, कतर की नागरिकता ली और 9 जून 2011 को 95 वर्ष की उम्र में लंदन में उनका निधन हुआ।सोर्स- सोशल मीडिया

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