मन्ना डे से जुड़ा वो किस्सा, जब ठुकराया था ब्लॉकबस्टर गाना, मोहम्मद रफी भी मानते थे उनकी गायकी का लोहा

Manna Dey Death Anniversary : फेमस प्लेबैक सिंगर मन्ना डे ने साल 1968 की फिल्म पड़ोसन के गाने एक चतुर नार को गाने से मना कर दिया था। उनका जीवन उसूल और संगीत के प्रति निष्ठा की मिसाल से कम नहीं थी।
Manna Dey Death Anniversary
मन्ना डे(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Updated on: 
Manna Dey Death Anniversary
कोलकाता के एक बंगाली फैमिली में जन्मे मन्ना डे के शुरुआती दिन बेहद अनुशासित माहौल में बीते थे। उनके पिता की गहरी इच्छा थी कि वह आगे चलकर कानून की पढ़ाई करें और एक सफल वकील बनें।(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Manna Dey Death Anniversary
कॉलेज के दिनों में वह पढ़ाई के साथ-साथ कुश्ती और बॉक्सिंग जैसे खेलों में भी पूरी दिलचस्पी लिया करते थे। लेकिन उनके अंदर म्यूजिक की एक ऐसी अलख जग चुकी थी जिसे रोकना नामुमकिन था। (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Manna Dey Death Anniversary
साल 1942 में आई फिल्म तमन्ना ने उनके लिए प्लेबैक सिंगिंग के रास्ते खोल दिए और उन्होंने सुरैया के साथ पहला गाना रिकॉर्ड किया। इसके बाद राम राज्य फिल्म के लिए उनका गाया गया सोलो गीत काफी फेमस हुआ, जिसे महात्मा गांधी ने भी देखा था।(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Manna Dey Death Anniversary
50 से 70 के दशक के बीच उनका म्यूजिक इंडस्ट्री पर पूरा दबदबा बन चुका था। उनके गाए गए 3500 से ज्यादा गाने आज भी संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा बने हुए हैं।(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Manna Dey Death Anniversary
उनके करियर का सबसे दिलचस्प किस्सा फिल्म पड़ोसन से जुड़ा हुआ है जो आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। जब उन्हें एक चतुर नार गाना गाने का ऑफर मिला, तो उन्होंने फौरन इसे करने से मना कर दिया था।(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Manna Dey Death Anniversary
मन्ना डे का मानना था कि संगीत कला के साथ किसी भी तरह का मजाक स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उस गाने के कुछ बोल और मजाकिया अंदाज उन्हें रास नहीं आ रहे थे। (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live
navbharatlive.com