दशाश्वमेध घाट- प्रयागराज में सबसे खास घाटों में से एक दशाश्वमेध घाट है कहा जाता है कि, सृष्टि की प्रथम यज्ञ स्थली होने के कारण ही इसे प्रयाग कहा गया।इस घाट पर धर्मराज युधिष्ठर ने दस यज्ञ कराए थे। उसके पहले ब्रह्माजी ने भी यहां यज्ञ किया था। इसीलिए इस घाट को दशाश्वमेध घाट कहा जाता है।यहां एक साथ दो शिवलिंगों ब्रह्मेश्वर और दशाश्वेवर की पूजा होती है.