मलबे से आ रही मजूदरों की चीख... कोलकाता तारातला हादसे की वो भयावह तस्वीरें, जिसे देख पसीज जाएगा आपका दिल
Kolkata Taratala Warehouse Collapse: कोलकाता तारातला हादसे में रेस्क्यू टीम मजदूरों को बाहर निकालने में जुटी हुई है। मलबे के नीचे से लगातार फंसे मजदूरों की चीखें सुनाई आ रही है। यहां देखें हादसे की 10 भयावह तस्वीरें।
कोलकाता के तारातला में बुधवार दोपहर निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक गिर गई। गोदाम के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे और मलबे के नीचे फंस गए।
कोलकाता के तारातला में बन रहे एक गोदाम की छत गिरने के बाद वहां मौजूद मजदूरों ने बताया कि उन्हें अब भी मलबे में फंसे मजदूरों की चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
इस घटना के बाद कम से कम 50 से 60 मजदूरों के फंसे होने की आशंका थी। एक मजदूर ने पत्रकारों को बताया कि गोदाम में 40 से 50 मजदूर काम करते थे।
भारतीय सेना, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और कोलकाता पुलिस के जवान युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रहे थे। बचाए गए घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य का निरीक्षण किया। राज्य की नगरपालिका मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी थीं और बचाव कार्यों की देखरेख कर रही थीं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया, "मरने वालों की संख्या 5 है। कुल 20 लोग घायल हैं, जिनमें से 2 ICCU (इंटेंसिव कोरोनरी केयर यूनिट) में हैं और 18 खतरे से बाहर हैं।"
50 टन तक वजन उठाने में सक्षम एक हाइड्रोलिक क्रेन को वहां तैनात किया गया है। क्रेन की मदद से गिरी हुई संरचना को थामे रखा गया है ताकि वह और न गिरे।
यह गोदाम लगभग 20,000 वर्ग फुट में फैला हुआ था। मुख्य ढांचे के अंदर कोई दीवार या अलग कमरे नहीं थे, इसलिए पूरा हिस्सा एक ही बार में ढह गया।
अधिकारियों ने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और लगभग 13 मजदूरों को बचाया गया। घायलों को इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया।
अतिरिक्त भार न सह पाने के कारण लोहे की बीम कई जगहों से मुड़ गईं। पुलिस ने मलबे में फंसे बाकी मजदूरों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स भी तैनात किए हैं।