गुरु रामदास जी द्वारा रचित चार लावां सिख विवाह समारोह, आनंद कारज, का अहम हिस्सा हैं। विवाह के दौरान दूल्हा-दुल्हन गुरु ग्रंथ साहिब जी के चारों ओर फेरे लेते हुए लावां का पाठ सुनते हैं। इन पंक्तियों में वैवाहिक जीवन को आध्यात्मिक यात्रा और गुरु की शिक्षाओं से जोड़ने का संदेश मिलता है।फोटो सोर्स-सोशल मीडिया