नमक में ही जन्म, नमक में ही गुजर जाती है जिंदगी, जानिए अगारिया समुदाय की मेहनत और संघर्ष की पूरी कहानी

Agariya Salt Farming: गुजरात के लिटिल रण ऑफ कच्छ में अगारिया समुदाय पीढ़ियों से नमक तैयार करता है। जानें कैसे खारे पानी, तेज धूप और मेहनत से यहां नमक की खेती होती है।
Gujarat Salt Farming
अगारिया नमक खेतीसोर्स- सोशल मीडिया
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Salt farming in the White Rann
गुजरात के लिटिल रण ऑफ कच्छ की जमीन गर्मियों में दूर-दूर तक सफेद दिखाई देती है। यहां सामान्य खेती के बजाय हजारों परिवार नमक तैयार करने का काम करते हैं। इन्हें अगारिया कहा जाता है। पीढ़ियों से यह समुदाय कठोर मौसम के बीच नमक उत्पादन की पारंपरिक कला को आगे बढ़ा रहा है।सोर्स- सोशल मीडिया
Who are the Agarias?
अगारिया गुजरात का पारंपरिक नमक उत्पादक समुदाय है। हर साल मानसून के बाद परिवार लिटिल रण की ओर जाते हैं और कई महीनों तक वहीं रहकर नमक तैयार करते हैं। नमक का मौसम खत्म होने के बाद वे वापस अपने गांवों की ओर लौटते हैं।सोर्स- सोशल मीडिया
Why is the Little Rann of Kutch special?
लिटिल रण ऑफ कच्छ का स्वरूप पूरे साल एक जैसा नहीं रहता। मानसून के दौरान यहां पानी भर जाता है। पानी घटने के बाद जमीन पर नमकीन मिट्टी और नीचे खारा पानी रह जाता है। यही प्राकृतिक परिस्थिति अगारिया परिवारों को नमक उत्पादन का आधार देती है।सोर्स- सोशल मीडिया
Where does the salt here come from?
अगारिया परिवार जमीन के नीचे मौजूद खारे पानी यानी नमकीन जल को बाहर निकालते हैं। इसके लिए कुएं और पंप जैसी व्यवस्था बनाई जाती है। फिर इस पानी को तैयार किए गए नमक के खेतों में पहुंचाया जाता है। इसके बाद शुरू होती है सूर्य और हवा की प्राकृतिक भूमिका।सोर्स- सोशल मीडिया
First of all, the salt field is prepared
नमक उत्पादन के लिए जमीन को समतल किया जाता है और मिट्टी की मेड़ बनाकर अलग-अलग हिस्से तैयार किए जाते हैं। इन्हें नमक के पैन कहा जा सकता है। जमीन को इस तरह तैयार किया जाता है कि खारा पानी एक हिस्से से दूसरे हिस्से में नियंत्रित तरीके से पहुंच सके।सोर्स- सोशल मीडिया
Then begins the journey of water
पंप की मदद से जमीन के नीचे का खारा पानी नमक के पैन में पहुंचाया जाता है। पानी को अलग-अलग चरणों से गुजारा जाता है। धूप और हवा के कारण पानी लगातार वाष्पित होता जाता है और उसमें मौजूद नमक की मात्रा बढ़ती जाती है।सोर्स- सोशल मीडिया
The sun creates white salt
अगारिया नमक उत्पादन में सूर्य की गर्मी का इस्तेमाल करते हैं। पैन में जमा खारे पानी से धीरे-धीरे पानी उड़ता जाता है और नमक के क्रिस्टल जमीन पर जमने लगते हैं। इस प्रक्रिया में मशीनों से ज्यादा महत्व धूप, हवा, जमीन और समय का है।सोर्स- सोशल मीडिया
Women also play a major role
अगारिया परिवारों में महिलाएं नमक उत्पादन के कई कामों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। पानी की व्यवस्था, नमक के खेतों में काम और परिवार की दूसरी जिम्मेदारियां अक्सर साथ चलती हैं। गुजरात की स्वयं-रोजगार महिला संघ जैसी संस्थाओं ने नमक कामगार महिलाओं के लिए वित्त और ऊर्जा से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए हैं। सोर्स- सोशल मीडिया
Heat poses the biggest challenge
रण में गर्मियों के दौरान तापमान बहुत ज्यादा हो सकता है। खुले इलाके में पेड़-पौधों और छांव की कमी के कारण काम करना कठिन होता है। लंबे समय तक तेज धूप, नमक और गर्म जमीन के संपर्क में रहना कामगारों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ाता है।सोर्स- सोशल मीडिया
Water scarcity is also a major problem
लिटिल रण में नमक बनाने के लिए खारा पानी उपलब्ध है, लेकिन पीने योग्य पानी की व्यवस्था अलग चुनौती है। कई नमक कामगार परिवारों को मौसम के दौरान अपने साथ पानी लाना पड़ता है या दूर से पानी की व्यवस्था करनी होती है। यानी जिस जमीन से नमक मिलता है, वहां मीठा पानी आसानी से नहीं मिलता।सोर्स- सोशल मीडिया
Why is Gujarat the hub of salt production?
गुजरात भारत के नमक उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है। नमक विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में राज्य का नमक उत्पादन करीब 2.28 करोड़ टन था। केंद्र सरकार का नमक विभाग गुजरात को देश के कुल नमक उत्पादन का लगभग 87.4 प्रतिशत हिस्सा देने वाला राज्य बताता है।सोर्स- सोशल मीडिया
The story behind white salt
थाली में दिखाई देने वाला नमक बेहद साधारण लग सकता है, लेकिन गुजरात के रण में उसके पीछे महीनों की मेहनत होती है। जमीन तैयार करने से लेकर खारा पानी निकालने, धूप में क्रिस्टल बनने और फिर नमक को बाजार तक पहुंचाने तक अगारिया परिवार कठिन परिस्थितियों में लगातार काम करते हैं।सोर्स- सोशल मीडिया

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