Photo: पहला सावन में शिव पूजा क्यों है इतनी खास? फोटो में जानिए 12 बड़ी जरूरी बातें
First Monday of Sawan: सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। अगर आप भी इस दिन व्रत या पूजा करने जा रहे हैं, तो पहले जान लें इससे जुड़ी 12 जरूरी बातें।
सावन के महीने में सोमवार को भगवान शिव का सबसे प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग शिव मंदिरों में जाकर दर्शन, पूजा,जाप और जलाभिषेक आदि करते हैं।
भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय शांत मन से पूजा करते है और महादेव के नाम में पूर्ण रूप से डूब जाते है। लेकिन कई लोग सिर्फ जल्दी-जल्दी जल चढ़ाकर लौट आते हैं, लेकिन पूजा में श्रद्धा और भाव सबसे ज्यादा अहम माना जाता हैं।
कई लोग यह सोचते हैं कि ज्यादा पूजा सामग्री चढ़ाने से पूजा ज्यादा बेहतर होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सच्चे मन से की गई पूजा सबसे अहम मानी जाती है।
भगवान शिव को बेलपत्र बेहद प्रिय माना जाता है। लेकिन सदैव यह ध्यान रखें कि बेलपत्र साफ हों और फटे हुए न हों। श्रद्धा के साथ अर्पित किया गया एक बेलपत्र भी पर्याप्त माना जाता है।
अगर आपके लिए पूरा दिन उपवास रखना मुश्किल है तो आप अपनी क्षमता के मुताबिक फलाहार कर सकते हैं। देखिए पूजा का उद्देश्य कभी भी भक्तों के शरीर को कष्ट देना नहीं होता, बल्कि लोगों के मन को पूर्ण रूप से संयमित बनाए रखना होता है।
भगवान शिव के इस मंत्र को सबसे बड़ा मंत्र माना जाता है। कई बार लोग पूजा के बीच में इसका जाप करते हैं, जिससे मन में शांती रहती है और शरीर में एकाग्रता बढ़ती है।
अगर आपका किसी कारण से मंदिर जाना संभव नहीं हो पा रहा है, तो आप अपने घर के मंदिर में भी भगवान शिव की पूजा कर सकते है। भगवान केवल भाव के भूखे होते है। ध्यान रखे कि श्रद्धा और विश्वास ही पूजा की सबसे बड़ी ताकत होती हैं।
इस दिन आप यदि किसी भूखे लोगों को भोजन, कपड़े या अपनी इच्छा के अनुसार दान देना शुभ माना जाता है। आप के द्वारा की गई छोटी-सी मदद किसी के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान ला सकती है।
हमारे पुराणों के अनुसार सोमवार के दिन गुस्सा, क्रोध, किसी को दिल नही दुखाना चाहिए और हर विवाद से दूर रहने की सलाह दी जाती है। आप कोशिश करें कि आप अपना पूरा दिन सकारात्मक सोच और खुशी के साथ व्यतीत करें।
भगवान शिव की पूजा केवल किसी इच्छा की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि मन की शांति और आत्मिक संतुलन के लिए भी की जाती है।इस दिन का सबसे बड़ा यही संदेश माना जाता है।
अगर घर में बच्चे हैं तो उन्हें सावन और भगवान शिव से जुड़ी छोटी-छोटी बातें जरूर बताएं। इससे वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
भगवान शिव को 'भोलेनाथ' इसलिए कहते है, क्योंकि वे सच्ची भक्ति से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए इस दिन दिखावे से ज्यादा मन की सच्चाई और अच्छे कर्मों को महत्व देना चाहिए हमेशा।