नसीरुद्दीन शाह धार्मिक रस्मों के बजाय मानवीय मूल्यों और सामाजिक मुद्दों को महत्व देने की बात करते रहे हैं। वह अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उन्हें सार्वजनिक रूप से दिवाली मनाते हुए कम देखा गया है, लेकिन इससे यह नहीं कहा जा सकता कि वह त्योहार नहीं मनाते।(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)