11 साल की उम्र में स्टारडम, बंद कमरे में रोती थी ये फेमस एक्ट्रेस, जानिए कौन है ये स्टार?
Balika Vadhu Actress Avika Gor: छोटे पर्दे की ये नन्ही कलाकार जो रातोंरात घर-घर में फेमस हुई लेकिन किसे पता था कि सफलता की ये चकाचौंध एक दिन उनको मानसिक रूप से कमजोर बना देगी। लेकिन अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने बॉलीवुड में वापसी कर सबको हैरान कर दिया...
साल 2008 में जब छोटे पर्दे पर बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुप्रथा पर आधारित एक नए शो का आगाज हुआ, जिससे इस बाल कलाकार यानी अविका गौर ने पूरे देश के दर्शकों के दिलों पर राज किया। इस शो ने उन्हें एक ऐसी पहचान दी जिसने उनके जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल दी।
इस शुरुआती और ऐतिहासिक सफलता के बाद अविका गौर ने अपने करियर में एक और बेहद चुनौतीपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने एक अन्य पॉपुलर शो में अहम किरदार के रूप में काम किया। जिसमें वह शादीशुदा महिला के रूप में एक्टिंग कर रही थीं, तब असल जिंदगी में वह अपनी उम्र के केवल 14वें पड़ाव पर थीं।
सफलता की इस चमचमकते हुए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए अचानक उनकी जिंदगी में एक ऐसा अंधेरा आया, जिसने उनके आत्मविश्वास को पूरी तरह हिला दिया। लगातार काम के दबाव और बिजी शड्यूल की वजह से उनका बॉड़ी वेट बढ़ने लगा। इस स्थिति ने उन्हें गहरे डिप्रेशन की ओर धकेल दिया था।
अविका गौर ने खुद अपने एक इंटरव्यू में बेहद भावुक होते हुए कहा था कि एक समय ऐसा आ गया था जब वह बंद कमरे में शीशे के सामने खड़ी होकर अपने बढ़े हुए वजन और बदले हुए स्वरूप को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाती थीं।
एक डॉक्टर की बेटी होने के नाते अविका ने इस मुश्किल से उबरने के लिए किसी भी तरह की मेडिसीन का सहारा लेने के बजाय पूरी तरह से नेचुरल और हर्बल रास्ता चुनने का एक बड़ा फैसला किया। उन्होंने अपनी इस शारीरिक और मानसिक कमजोरी के आगे घुटने टेकने से साफ मना कर दिया।
अविका की कड़ी मेहनत, नियमित व्यायाम, कार्डियो और एक बेहद अनुशासित खान-पान के बलबूते उन्होंने लगभग 13 किलो वजन घटाकर सबको हैरान कर दिया। जब उनकी इस जर्नी की तस्वीरें सामने आईं, तो हर कोई उनकी लगन की तारीफ करने लगा।
छोटे पर्दे पर अपनी बादशाहत कायम करने के बाद अविका गौर ने बड़े पर्दे की तरफ कदम बढ़ाए। साल 2013 में उन्होंने तेलुगु सिनेमा में बतौर मुख्य नायिका एक बेहतरीन फिल्म से कदम रखा, जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और उन्हें सर्वश्रेष्ठ डेब्यू का पुरस्कार भी मिला।