केस को कमजोर करने के लिए गुरुग्राम में रिश्वत लेते गुजरात पुलिस निरीक्षक गिरफ्तार

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गुरुग्राम: राज्य सतर्कता ब्यूरो की एक टीम ने शिकायतकर्ता के भतीजे के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले को कमजोर करने के लिए गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति से दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गुजरात पुलिस के एक निरीक्षक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।     

राज्य सतर्कता ब्यूरो (रोहतक रेंज) के उपाधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला थाने के एसएचओ जगदीश चौधरी (31) को रविवार को सेक्टर 49 में रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि चौधरी शहर में रिश्वत लेने के लिए आया था और सेक्टर 49 के एक गेस्ट हाउस में रह रहा था। चौधरी के खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो, गुरुग्राम में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, फरीदाबाद के रहने वाले अमरिंदर पुरी के खिलाफ दर्ज मामले को कमजोर करने के लिये गुजरात के बनासकांठा जिले के रहने वाले चौधरी ने उससे तीन लाख रुपये के रिश्वत की मांग की थी । पुरी के खिलाफ गुजरात विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री प्रदान करने के मामले में 14 फरवरी को भारतीय दंड संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि बाद में पुरी को गिरफ्तार कर लिया गया ।

गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 निवासी अमरिंदर के चाचा संदीप पुरी ने राज्य सतर्कता ब्यूरो में शिकायत दर्ज करायी कि चौधरी ने तीन लाख रुपये की रिश्वत के बदले में उसे आश्वासन दिया है कि वह मामले को कमजोर कर देगा। संदीप ने कहा कि उसने 12 अप्रैल को राजपीपला में जगदीश को एक लाख रुपये दे दिये और शेष दो लाख रुपये लेने वह आया है। (एजेंसी)

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