रामोजी राव : अखबार उद्योग में क्रांति लाने वाले राव वक्त के थे बेहद पाबंद, जाने और भी....

हैदराबाद में शनिवार को रामोजी समूह के अध्यक्ष रामोजी राव का निधन हो गया। बहुमुखी प्रतिभा के धनी राव ने मीडिया, आतिथ्य, एनबीएफसी, खाद्य एवं खुदरा स्टोर श्रृखंला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बेमिसाल काम किया। आईये जानते हैं उनके जीवन संघर्ष की वो कहानी जिसने रामय्या को रामोजी राव बनाया।
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रामोजी समूह के अध्यक्ष रामोजी राव (सौजन्य सोशल मीडिया)
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हैदराबाद : रामोजी फिल्म सीटी के संस्थापक और मीडिया जगत की जानी-मानी हस्ती रामोजी राव का शनिवार 8 जून को निधन हो गया। पूरे देश में उनके निधन को लेकर शोक का माहौल है। रामोजी राव के निधन को लेकर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू , निवर्तमान प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी, देश के सभी बड़े नेताओं और पत्रकारों द्वारा शोक व्यक्त किया गया। उनका जाना मीडिया और फिल्म जगत के लिये ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसे पूरा नहीं किया जा सकेगा। मीडिया और फिल्म जगत में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

रामोजी राव का जन्म 16 नवंबर 1936 को तटीय आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पेडापरुपुडी में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता ने शुरुआत में उनके दादा की याद में उनका नाम रामय्या रखा था जिसे बाद में बदलकर रामोजी कर दिया गया। उन्होंने गुडीवाड़ा म्युनिसिपल हाई स्कूल से स्कूलिंग और गुडीवाड़ा कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले राव ने सबसे अधिक प्रसार संख्या वाले दैनिक ‘ईनाडु' की स्थापना की थी। उनके द्वारा स्थापित कंपनियों- ईनाडू अखबार, चैनलों का ईटीवी समूह, दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी रामोजी फिल्म सिटी, डॉल्फिन ग्रुप ऑफ होटल्स, मार्गदर्शी चिट फंड, फिल्म निर्माण कंपनी उषाकिरन मूवीज, प्रिया फूड्स और अन्य कंपनियों ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत कई अन्य जगहों पर हजारों लोगों को नौकरियां दी।

'अन्नदाता' से मीडिया क्षेत्र में रखा कदम

रामोजी राव एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के भी अध्यक्ष रहे। राव ने 1962 में 'मार्गदर्शी चिट फंड कंपनी' शुरू की थी जो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अन्य राज्यों में ग्राहकों को अपनी सेवा प्रदान करती थी। मध्यवर्गीय किसान परिवार से आने वाले रामोजी राव ने 1969 में किसानों पर आधारित पत्रिका 'अन्नदाता' की शुरुआत कर मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा था।

सूर्योदय से पहले पाठकों के हाथों में पहुंचता था ईनाडू अखबार

सन् 1974 में विशाखापत्तनम में उनके द्वारा शुरू किये गये ‘ईनाडू' ने अविभाजित आंध्र प्रदेश में अखबार उद्योग में क्रांति का सूत्रपात किया और विभिन्न संस्करणों के साथ वह सबसे अधिक प्रसार संख्या वाला तेलुगु दैनिक बना हुआ है। ‘ईनाडु' कई मायनों में एक अग्रणी अखबार बन गया क्योंकि रामोजी राव ने यह सुनिश्चित किया कि अखबार सूर्योदय से पहले पाठकों के हाथों में पहुंच जाना चाहिए। दरअसल राव अपनी समय पाबंदी के लिए जाने जाते थे। आसान तेलुगु के इस्तेमाल, अखबार में स्थानीय खबरों के कवरेज में वृद्धि, हर जिलों के लिए विशेष संस्करण ने इस अखबार को पाठकों के बीच बहुत लोकप्रिय बना दिया। सन् 1984 में जब तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के संस्थापक एन टी रामाराव को रक्तहीन तख्तापलट के तहत सत्ता से हटा दिया गया तब ‘ईनाडु' ने ‘लोकतंत्र की बहाली' अभियान चलाया और इससे अंतत: एनटीआर सत्ता में लौटी। इस अखबार का यह अभियान रामोजी राव के जीवन में मील का पत्थर था।

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रामोजी राव को श्रद्धांजलि देते TDP के मुखिया चंद्रबाबू नायडू (सौजन्य सोशल मीडिया)

आपदा में धन जुटाकर बनवाये मकान और स्कूल

राव ने प्राकृतिक आपदाओं के बाद ‘ईनाडु राहत कोष' के जरिए जुटायी गयी धनराशि से विभिन्न राज्यों में स्थायी मकानों एवं विद्यालयों का निर्माण किया गया है। इंटरनेट के आगमन के बाद ‘ईनाडु' द्वारा इजाद किये गये कई तेलुगु शब्द तेलुगु शब्दकोश का हिस्सा बन गये। दूरदर्शन का एकाधिकार समाप्त होने के बाद ईटीवी तेलुगु में पहले सेटेलाइट मनोरंजन चैनलों में एक था। देखते-ही-देखते ईटीवी घर-घर में पहुंच गया। ईटीवी के चैनलों में शीघ्र विस्तार हुआ है और ईटीवी न्यूज (तेलुगु), ईटीवी (कन्नड़), ईटीवी (बंगाली) , ईटीवी(बंगाली) और अन्य आदि अस्तित्व में आ गये। ईटीवी पर ‘पदुथा तीयागा' नामक संगीत कार्यक्रम से हजारों उभरते गायक सामने आये। दिवंगत एस पी बालासुब्रमण्यम करीब दो दशक तक इस कार्यक्रम के प्रस्तोता रहे।

Ramoji Film City Hydrabad
रामोजी फिल्म सिटी का प्रवेश द्वार

गिनीज बुक में दर्ज है रामोजी फिल्म सिटी

1996 में बनाई गई रामोजी फिल्म सिटी को ‘गिनीज वर्ल्ड ऑफ रिकार्ड' ने दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के रूप में मान्यता दी। 1666 एकड़ में फैली रामोजी फिल्म सिटी में न केवल शानदार फिल्म स्टूडियोज हैं बल्कि या फेमस टूरिस्ट प्लेस भी है। यहां बड़े बड़े भव्य फिल्म सेट, खूबसूरत गार्डन, होटल और फिल्म व टेलीविजन प्रोडक्शन के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं। हैदराबाद के बाहरी क्षेत्र में स्थित रामोजी फिल्म सिटी में एस एस राजामौली की मशहूर फिल्म ‘बाहुबली' समेत सभी भारतीय भाषाओं में हजारों फिल्मों एवं कुछ ‘ब्लॉकबस्टर' हिंदी फिल्मों की भी शूटिंग हुई। ‘प्रिया फुड्स' द्वारा ‘प्रिया' ब्रांड से बनाये जाने वाले अचार को देश के विभिन्न हिस्सों तथा अमेरिका समेत कई अन्य देशों में भी बहुत पसंद किया जाता है। कम बजट में फिल्म निर्माण और अक्सर सामाजिक विषयों पर फिल्म बनाने की रामोजी राव की अनोखी शैली से उन्हें वाहवाही मिली।

2016 में पद्म विभूषण से हुये सम्मानित

रामोजी राव को 2016 में दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उन्हें कई अन्य पुरस्कार एवं कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी प्रदान की गयी।

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