उलझ रिव्यू: देशभक्ति और सस्पेंस के बीच उलझी जाह्नवी कपूर की फिल्म में नहीं है दम

आर्टिकल 370 जैसी दमदार फिल्म बनाने सुधांशु सरिया ने ‘उलझ’ को न सिर्फ डायरेक्ट किया है बल्कि बतौर लेखक इसके लिए सक्रीय रहे हैं। इस फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है उसकी पटकथा। फिल्म की कहानी दिलचस्प है और सस्पेंस से भरी लेकिन इसमें वो रोमांच नहीं जो आपको इसे आगे देखने के लिए सीट से बांधे रखे।
Ulajh Movie Review
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  • फिल्म: उलझ
  • कास्ट: जाह्नवी कपूर, गुलशन देवैया, रोशन मैथ्यू, आदिल हुसैन, मेयांग चेंग और राजेश तैलंग
  • निर्देशक: सुधांशु सरिया
  • रनटाइम: 2 घंटे 14 मिनट
  • जॉनर: स्पाई थ्रिलर

रेटिंग: 2.5/5 कहानी: ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ में एक इमोशनल और रोमांटिक कहानी पेश करने के बाद अब अभिनेत्री जाह्नवी कपूर एक स्पाई एजेंट की भूमिका में एक नए अंदाज में नजर आई। फिल्म ‘उलझ’ में उनके किरदार का नाम है सुहाना भाटिया जो अपने परिवार की लिगेसी को आगे ले जाते हुए लंदन में भारतीय हाई कमीशन की डिप्टी कमिश्नर का पद हासिल करती है। शुरू से ही अपने सपनों में विश्वास रखने वाले सुहाना जब लंदन पहुंचती है तो वे नकुल नाम के एक व्यक्ति से प्यार कर बैठती हैं लेकिन बाद में उसे पता चलता है कि वो आतंकी संगठन आईएसआईएस का व्यक्ति है। नकुल सुहाना को अलग-अलग तरह से ब्लैकमेल करके भारतीय सरकार के कई जरूरी दस्तावेज और जानकारियां हासिल करता है। यहां सुहाना अपने आत्मा-सम्मान और देश की गरिमा, इन दो चीजों के बीच उलझ कर रह जाती है। लेकिन एक समय के बाद वे अपनी गलती को ठीक करने का जिम्मा उठाती हैं और आईएसआईएस के मंसूबों को नेस्तनाबूत करके अंत में विश्व पटल पर भारत की गरिमा की रक्षा करती हैं।

अभिनय: फिल्म में जाह्नवी कपूर ने बेहतरीन अभिनय किया है। वो हर तरह के इमोशन्स को बड़ी ही समझदारी के साथ व्यक्त करती हुई नजर आई। उनके बाद अभिनेता गुलशन देवैया ने तो वाकई दिल जीत लिया है। फिल्म में नेगेटिव रोल में दिखे गुलशन में वो सभी बातें हैं जो उनके रोल को बेहद मनोरंजक बनाती हैं। साथ ही, रोशन मैथ्यू जोकि इस कहानी में एक रॉ एजेंट हैं बेहद दिलचस्प और गंभीर किरदार में जचते दिखे। फिल्म के अन्य कलाकारों ने भी कुल मिलकर बढ़िया काम किया है।

म्यूजिक: फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक बढ़िया है। हालांकि फिल्म में ऐसा कोई सॉन्ग नहीं जो आपके जहन में बस जाए या जिसे आप लंबे समय तक याद रखें।

फाइनल टेक: आर्टिकल 370 जैसी दमदार फिल्म बनाने सुधांशु सरिया ने ‘उलझ’ को न सिर्फ डायरेक्ट किया है बल्कि बतौर लेखक इसके लिए सक्रीय रहे हैं। इस फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है उसकी पटकथा। फिल्म की कहानी दिलचस्प है और सस्पेंस से भरी लेकिन इसमें वो रोमांच नहीं जो आपको इसे आगे देखने के लिए सीट से बांधे रखे। फिल्म में चाहे एक्शन सीन्स हो या फिर कोई ट्विस्ट, जिस तरह से इसे तैयार किया गया है, इसमें वो बात नजर नहीं आती जो आपको उत्सुकता से भर दे। फिल्म की कहानी भी काफी हद तक प्रेडिक्ट की जा सकती है जो इसकी एक और कमजोरी मालूम होती है। कुल मिलाकर अगर आप स्पाई थ्रिलर फिल्म के शौकीन हैं और जाह्नवी कपूर के फैन हैं तो आप इसे सिनेमाघर जाकर देख सकते हैं। अन्यथा कुछ समय बाद ओटीटी पर इसका मजा लिया ही जा सकता है।

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