वसई-विरार डूबा पानी में, रेलवे के 104 पॉइंट फेल, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें

Vasai-Virar News: भारी बारिश से वसई-विरार में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये। रेलवे के 104 पॉइंट फेल होने से ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वसई-विरार पानी में डूबा (pic credit; social media)
वसई-विरार पानी में डूबा (pic credit; social media)
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Mumbai News: मुंबई की लाइफ लाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेन मंगलवार को चर्चगेट-विरार सेक्शन में बुरी तरह प्रभावित रहीं। दोपहर बाद पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और पेल्हार डैम से ओवरफ्लो हुआ पानी पटरियों तक पहुंच गया। वहीं अवैध निर्माण और साल्ट पैन लैंड पर अवैध कब्जों की वजह से पानी का आउटफ्लो सही तरीके से नहीं हुआ, जिसकी वजह से इसके चलते पूरे सेक्शन में 104 पॉइंट फेल्योर दर्ज किए गए और नतीजतन पश्चिम रेलवे को करीब 120 लोकल सेवाएं रद्द करनी पड़ीं।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पानी भरने से सबसे ज्यादा असर ट्रैक बदलने वाली व्यवस्था (स्विच पॉइंट) पर पड़ा. कई जगह इन पॉइंट्स को नियंत्रित करने वाली मोटर खराब हो गईं. जहां-जहां यह गड़बड़ी हुई, वहां ट्रेनों का रुख बदलने के लिए रेलवे कर्मचारियों को मैनुअल तरीके से काम करना पड़ा।

पॉइंट फेल्योर

की वजह से हर बार ट्रेन कम से कम मिनट लेट होती है. कई बार क्लैम्पिंग क ट्रैक को एक दिशा में फिक्स करना पड़ है। इसमें 30-35 मिनट लग जाते हालांकि मध्य रेलवे के स्टेशन पर पा - भरने की वजह से करीब 800 से ज्या - कैंसिल हुईं लेकिन पॉइंट फेलियर एक-नहीं हुआ। इसकी वजह रहा वाटरप्रू मोटर का इस्तेमाल, जो कि एक - चेंजर साबित हुआ। इसे भी पढ़ें- बारिश में डूबी मुंबई, लोगों का फूटा गुस्सा, बोले- नाले समय पर साफ होते तो न बिगड़ते हालात

माइक्रोटनलिंग कार्य भी जारी

इसी बीच, ट्रैक से पानी निकालने की दीर्घकालीन व्यवस्था के तहत रेलवे माइक्रोटनलिंग कार्य भी कर रहा है। इसमें वसई-विरार सेक्शन में कई जगहो पर 1800 मिमी व्यास की पाइप लगाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में पानी तेजी से बह सके।

कल की शुरुआत भी रही खराब

मुंबई और उपनगरों में लगातार हो रही बारिश ने बुधवार को भी लोकल सेवाओं को प्रभावित किया। पश्चिम रेलवे ने दिन की शुरुआत ही 12 लोकल रह कर की और शाम तक यह आंकड़ा 30 से ज्यादा पहुंच गया। वहीं मध्य रेल की कुल 90 लोकला सर्विस कैंसिल रही वसई स्टेशन पर तकनीकी खराबी से तेज गाड़ियों की गति धीमी रही।

बाढ़ जैसी स्थिति

वसई स्टेशन से करीब 500-600 मीटर दूर पड़े पॉइंट तक पहुंचने और क्लैम्पिंग करने में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्षेत्र में सिग्नल भी ठप हो गए थे, जिसके कारण वॉकी-टॉकी से ही संवाद करना पड़ा। कई रेक्स को वसई से ही रिवर्स कर वापस भेजना पड़ा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पेल्हार डैम के ओवरफ्लो होने से वसई सेक्शन में पानी तेजी से भर गया और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। बता दें कि डैम में कोई भी फ्लड गेट नहीं है, जो पानी के बहाव में काफी मदद करता है। यही पानी पटरियों तक पहुंचा और पॉइंट सिस्टम फेल हो गया। एक रेलवे अधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि पहले के मुकाबले वसई विरार की स्थिति काफी दयनीय है। अवैध कंस्ट्रक्शन और साल्ट पैन लैंड की कमी बारिश का पानी रुकने की बड़ी वजह है।

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