

ठाणे से वसई-विरार तक नवरात्रि की धूम, मंदिरों और पंडालों में रौनक।
वसई-विरार में 3,379 स्थानों पर घटस्थापना।
ठाणे में 1,000 से अधिक स्थानों पर गरबा-डांडिया आयोजन।
सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण नियमों को लेकर पुलिस सतर्क।
पूजा, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नौ दिवसीय उत्सव।
Thane Navratri Celebrations: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर ठाणे महानगर क्षेत्र से लेकर वसई-विरार तक भक्ति और उत्साह का माहौल है। रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हुए नौ दिवसीय उत्सव के लिए सार्वजनिक मंडलों, हाउसिंग सोसाइटियों और घरों में तैयारियां की गई हैं। मंदिरों और दुर्गा पंडालों में मां जगदंबा की पूजा-अर्चना के साथ गरबा और डांडिया के आयोजन भी हो रहे हैं।
ठाणे का प्रसिद्ध टेंभी नाका नवरात्रोत्सव, जिसे ठाण्याची दुर्गदुर्गेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है, श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यह उत्सव धर्मवीर आनंद दिघे द्वारा शुरू की गई परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, वागले एस्टेट के लुईसवाड़ी में आई राजराजेश्वरी देवी के आगमन पर ढोल-ताशों के साथ उत्सव मनाने की तैयारी है।
कोपरी यंग बॉयज स्पोर्ट्स मंडल ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए शाडू मिट्टी और रीसाइकिल्ड कार्डबोर्ड से मां लक्ष्मी की 10 फुट ऊंची प्रतिमा तैयार की है।
वसई-विरार क्षेत्र में भी नवरात्रि को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। एमबीवीवी पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी स्तर पर कुल 3,379 स्थानों पर घटस्थापना की जा रही है। जीवदानी देवी मंदिर, कालिका देवी मंदिर, सोणूबाई भवानी मंदिर और चंडिका देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
ठाणे शहर में एक हजार से अधिक स्थानों पर गरबा और डांडिया आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है। आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करें। ठाणे महानगरपालिका ने भी निर्धारित नियमों के तहत प्रमुख मंडलों को उत्सव की अनुमति दी है।
पंडित शंभुनाथ दुबे के अनुसार, रविवार को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक था। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक निर्धारित था।
नवरात्रि के दौरान मंदिरों और पंडालों में पूजा, आरती तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करेंगे।