

ठाणे की पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास से जुड़ी अड़चनें दूर करने की पहल।
बकाया लीज रेंट पर ब्याज माफी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश।
शिवाई नगर में 17 नवंबर को निवासियों की समस्याओं पर विशेष बैठक।
जमीन के 7/12 उतारे पर म्हाडा का नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज होगी।
Vartak Nagar Redevelopment: ठाणे शहर की पुरानी म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। वर्तक नगर, शिवाई नगर, स्वामी विवेकानंद नगर और पवार नगर सहित ओवला-माजिवडा विधानसभा क्षेत्र की म्हाडा बस्तियों के पुनर्विकास से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी अड़चनों को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल पर बांद्रा स्थित म्हाडा मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लीज रेंट, ब्याज माफी, जमीन के 7/12 उतारे पर नाम दर्ज करने और अतिरिक्त एफएसआई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में म्हाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल, ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, कोकण म्हाडा आयुक्त डॉ. विशाल राठोड, नगररचना अधिकारी संग्राम कानडे, नगरसेविका परिषा सरनाईक सहित विभिन्न सोसायटियों के प्रतिनिधि और वास्तुविशारद उपस्थित थे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2019 से बंद पड़ी संबंधित प्रशासनिक नोंदियों को फिर से शुरू किया गया है। साथ ही, बकाया लीज रेंट पर लगाए गए ब्याज को माफ करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। म्हाडा के सीईओ ने भी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया।
शिवाई नगर के निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए मंगलवार, 17 नवंबर को परिसर में अलग से विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
मंत्री सरनाईक ने निर्देश दिया कि लीज रेंट जमा करने के इच्छुक सदस्यों से भुगतान केवल चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से स्वीकार किया जाए। साथ ही, म्हाडा की प्रशासनिक देरी के कारण लगने वाला जुर्माना आम नागरिकों पर नहीं थोपा जाए।
करीब चार दशक पुरानी इमारतों की जमीन की माप प्रक्रिया पूरी होने और शुल्क जमा होने के बावजूद 7/12 उतारे पर म्हाडा का नाम दर्ज नहीं हुआ है। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए दिवाली के बाद कोकण म्हाडा, वास्तुविशारद और ठाणे मनपा के नगररचना अधिकारियों की संयुक्त बैठक होगी।
जमीन का नामांतरण म्हाडा के नाम होने के बाद UDCPR और प्रचलित नियमों के तहत अतिरिक्त एफएसआई की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे पुनर्विकास परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ने और निवासियों को बेहतर आवास मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, पुनर्विकास के दौरान किराये के मकानों में रहने वाले परिवारों को विकासकों से मासिक किराया समय पर दिलाने तथा परियोजनाओं में देरी करने वाले विकासकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के विकल्पों पर भी जोर दिया गया।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि म्हाडा कॉलोनियों का पुनर्विकास हजारों परिवारों की सुरक्षा और सम्मानजनक आवास से जुड़ा संवेदनशील विषय है। सरकार इस मामले में गंभीर है और अधिकारियों को समन्वय के साथ लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
बैठक के बाद शिवाई नगर के निवासियों में उम्मीद जगी है। नगरसेविका परिषा सरनाईक के लगातार प्रयासों और मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल के लिए स्थानीय रहिवासियों ने दोनों के प्रति आभार व्यक्त किया।