ऑटो दुर्घटना में घायल महिला को मिलेगा 8.8 लाख रुपये का मुआवजा, ठाणे एमएसीटी ने दिया आदेश

Thane News: ठाणे में एक ऑटो दुर्घटना में महिला आंशिक रूप से विकलांग हो गई थी। ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने घायल हुई 26 वर्षीय महिला को 8.8 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है।
ठाणे एमएसीटी ने ऑटो दुर्घटना में घायल महिला को 8.8 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया
एमएसीटी ने दिया आदेश (सौजन्य- कंसेप्ट फोटो, सोशल मीडिया)
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ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सड़क दुर्घटना में घायल हुई महिला को आखिरकार मुआवजा मिलेगा। ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने एक सड़क दुर्घटना में घायल हुई 26 वर्षीय महिला को 8.8 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है। एमएसीटी के सदस्य एस एन शाह ने ऑटो रिक्शा मालिक और बीमा कंपनी को एक महीने के अंदक यह राशि महिला को अदा करने का निर्देश दिया।

एमएसीटी के इस आदेश की प्रति रविवार को उपलब्ध कराई गई, जबकि यह आदेश 29 अप्रैल को ही पारित हुआ था। यह दुर्घटना नौ दिसंबर, 2021 को हुई थी। उस समय जब याचिकाकर्ता मोनिका अजय रोकड़े ठाणे शहर में मेट्रो रेल निर्माण कार्य से प्रभावित एक सड़क पर ऑटोरिक्शा से यात्रा कर रही थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि ऑटोरिक्शा तेज गति से चल रहा था और वह एक गड्ढे में पलट गया।

दुर्घटना में आंशिक विकलांग हुई महिला

उसने बताया कि इस घटना के दौरान उसे गंभीर चोटें आईं और चालक ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 338 (किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया। मोनिका रोकड़े ने दावा किया कि इस दुर्घटना के कारण वह स्थायी रूप से आंशिक विकलांग हो गई।

दुर्घटनाग्रस्त वाहन के चालक की लापरवाही

बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि ऑटोरिक्शा चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था और दुर्घटना के समय वाहन में जरूरत से ज्यादा व्यक्ति सवार थे। हालांकि, बीमाकर्ता ने इस बात को स्वीकार किया कि वाहन का प्रासंगिक अवधि के दौरान बीमा था। न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी के विरोधाभासी रुख को गंभीरता से लिया और यह भी कहा कि कंपनी अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी।

न्यायाधिकरण ने कहा कि यह दुर्घटना "दुर्घटनाग्रस्त वाहन के चालक की लापरवाही" के कारण हुई और उस समय वाहन बीमाकृत था। न्यायाधिकरण ने ऑटोरिक्शा के मालिक और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से 8.84 लाख रुपये की राशि जमा करने का आदेश दिया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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