कल्याण की अधिकतर शाखाओं पर ठाकरे सेना का कब्जा

shivsena
Updated on

कल्याण : शिवसेना (Shiv Sena) चल रही वर्चस्व (Supremacy) की लड़ाई के चलते अब शिवसेना की शाखाओं पर भी कब्जा (Possession) करने का दौर शुरू हो गया है। हालांकि कल्याण पश्चिम पूर्व और पश्चिम में कुल 65 शिवसेना शाखाएं हैं। जिसमें शाखा प्रमुख के साथ ही हर शाखा में दो उप शाखा प्रमुख हैं और 25 विभाग प्रमुख और 50 उप विभाग प्रमुख हैं। कल्याण तिलक चौक, छत्रपति  शिवाजी चौक, कल्याण पूर्व कोलाशेवाड़ी सहित अधिकतर शाखाओं पर ठाकरे की सेना का ही कब्जा हैं और  संगठन के पदाधिकारी (Office Bearers) भी ठाकरे के साथ हैं। 

अपने पक्ष में करने के लिए दौरा 

यह नजारा ईद की नमाज के समय दुर्गाडी किले के पास किए गए। शिवसैनिकों के घंटा बजाओ आंदोलन में भी देखने को मिला। जहाँ महानगर प्रमुख विजय सालवी, विधानसभा प्रमुख अरविंद मोरे और महिला अधाड़ी प्रमुख विजया पोटे ने नेतृत्व निकाले गए मोर्चे में दिखाई जिसमें भारी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित थे। अभी ठाकरे और शिंदे दोनों ही गुट अपने को असली शिवसेना बता रहे है और सीएम शिंदे के सांसद बेटे अपने लोकसभा क्षेत्र में शिवसेना के पूर्व पार्षद और पदाधिकारियों से मिलने और अपने पक्ष में करने के लिए दौरा कर रहे है। लेकिन कल्याण डोंबिवली क्षेत्र में अभी शिवसेना की प्रमुख शाखाओं पर ठाकरे की सेना का ही कब्जा हैं। विधासभा प्रमुख अरविंद मोरे ने कहा कि केबल कुछ पूर्व नगरसेवक सीएम से निधि के लेने के चक्कर शिंदे गुट में गए हैं। संगठन पदाधिकारी मूल शिवसेना ठाकरे के साथ हैं और रहेंगे। 

हाल ही में कल्याण डोंबिवली के दौरे पर आए सीएम एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे ने कल्याण पूर्व की मध्यवर्ती शाखा में जाकर प्रमुख पदादिकरियों से मुलाकात की इस अवसर पर कई शिवसैनिक और पदाधिकारी ऐसे भी थे। जो एक दिन पूर्व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करके आए थे और उनके साथ ही रहने का वादा किया था। उनमें पूर्व महापौर रमेश जाधव, पूर्व नगरसेवक हर्षवर्धन पलांडे के साथ अन्य कई लोग शामिल थे। डोंबिवली में स्थित शिवसेना की मध्यवर्ती शाखा में से कुछ महिला पदाधिकारियों ने विरोध करते हुए सीएम एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे का फोटो  हटा दिया था। उसके बाद वहां शिंदे समर्थकों ने फिर फोटो लगा दिया क्यों कि कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका में अधिकतर पूर्व पार्षद और शिवसेना पदाधिकारी शिंदे गुट के साथ हैं। जिसके चलते जिस शाखा में सांसद शिंदे जाते है तो शिवसैनिक जमा हो जाते है। लेकिन अभी कल्याण पश्चिम, कल्याण पूर्व और डोंबिवली में स्थित मध्यवर्ती शिवसेना शाखाओं में ठाकरे की शिवसेना का की कब्जा है। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार

शिवसेना के कल्याण विधानसभा अध्यक्ष पूर्व नगरसेवक अरविंद मोरे ने कहा कि सभी शाखाओं पर ठाकरे की शिवसेना का ही कब्जा है और रहेगा। अभी शिंदे भी खुद को शिवसेना से अपने को अलग नही बताते है और कहते हैं कि हम बाला साहेब ठाकरे की शिवसेना में ही हैं। इस लिए किसी भी शाखा में जा सकते हैं। वहीं कल्याण ग्रामीण से शिवसेना की टिकट पर  विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व स्थायी समिति सभापति रमेश महात्रे जो सीएम शिंदे से मिलकर आये थे।  उन्होंने कहा कि शाखा पर शिवसेना का ही कब्जा हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे है कि फिर सब एक हो जाएं। देखा जाए तो कुछ लोग कशमकश में और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com