

-राजीत यादव
नवी मुंबई: वाशी (Vashi) स्थित आलू-प्याज की मंडी (Potato-Onion Market) में आने वाले लहसुन (Garlic) के इस साल अच्छी मांग हैं। जिसके चलते तीन साल बाद थोक में लहसुन के दाम 100 रुपए किलो के पार हो गया है। मौजूदा समय में थोक में नंबर वन लहसुन (Garlic Wholesale Price) 90 रुपए से लेकर 120 रुपए किलो बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसे 150 रुपए किलो बेचा जा रहा हैं।
शनिवार को वाशी स्थित आलू-प्याज की थोक मंडी में 2 हजार 885 बोरी लहसुन की आवक हुई। जिसमें उटी और गुजरात से आने वाले लहसुन का मुख्य रूप से समावेश रहा। इसके अलावा थोक मंडी में देशी लहसुन की भी आवक हो रही है, जिसे थोक में ज्यादा खरीददार नहीं मिल रहे हैं। जिसकी वजह से देशी लहसुन को कम दाम मिल रहा है। थोक मंडी में शनिवार को उटी के नंबर-2 के लहसुन को थोक में 65 से 85 रुपए किलो का दाम मिला, जबकि 3 नंबर के लहसुन को 40 से 60 रुपए किलो बेचा गया।
वहीं, गुजरात से आए नंबर-1 लहसुन को थोक में 60 से 70 रुपए किलो का दाम मिला, जबकि नंबर 2 का लहसुन 50 से 60 रुपए किलो बेचा गया। वहीं नंबर-3 के लहसुन को 40 से 50 रुपए किलो का दाम मिला है, जबकि थोक में देशी लहसुन 20 से 60 रुपए किलो बिक रहा हैं।
आलू-प्याज की मंडी में थोक में कारोबार कर रहे मनोहर तोतलानी के अनुसार, लहसुन के कारोबार में हमेशा 2 या 3 साल तक मंदी रहती है, इस साल अच्छी गुणवत्ता के लहसुन की आवक ज्यादा हो रही है, जिसकी वजह से थोक में इसके दाम में वृद्धि हुई है। तोतलानी के अनुसार, हल्के गुणवत्ता का लहसुन अब भी थोक में सस्ता बिक रहा है, लेकिन ग्राहकों का जोर अच्छी गुणवत्ता वाले लहसुन पर ज्यादा है, जिसकी वजह से है। तोतलानी का कहना है कि थोक में लहसुन के दाम में अब इससे ज्यादा वृद्धि होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।
वाशी स्थित मंडी में इस साल आलू-प्याज की बंपर आवक हो रही है। जिसकी वजह से थोक में इन दोनों की कीमत स्थिर हैं। शनिवार को मंडी में 26 हजार 404 बोरी प्याज की आवक हुई, जबकि 24 हजार 824 बोरी आलू मंडी में आया। थोक में प्याज को अब भी 4 रुपए से लेकर 10 रुपए किलो तक का दाम मिल रहा है, वहीं को थोक में 6 से 13 रुपए किलो बेचा जा रहा है। जबकि वेफर्स बनाने के काम में आने वाला आलू 15 से 17 रुपए किलो बिक रहा है।